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Shimla News: सरकारी लैब में विटामिन डी और बी-12 के टेस्ट फिर बंद
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आईजीएमसी में टेस्ट किट खत्म होने से दिक्कत
दो सप्ताह पहले ही शुरू हुए थे अस्पताल में यह टेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में विटामिन डी और बी 12 के टेस्ट नहीं हो रहे। जांच के लिए जरूरी टेस्ट किट खत्म हो गई है और नई आपूर्ति अभी तक नहीं मिली है।
हैरानी की बात यह है कि यह सुविधा दो हफ्ते पहले ही सरकारी लैब में दोबारा शुरू की थी। इससे मरीजों को निजी लैब की महंगी जांचों से राहत मिली थी लेकिन अब दोबारा टेस्ट सेवा बंद होने से मरीजों को निराशा हाथ लगी है।
पिछले कई महीनों तक आईजीएमसी की सरकारी लैब में विटामिन डी और बी 12 की जांच बंद रही थी। कई बार मरीजों और डॉक्टरों की मांग के बाद स्वास्थ्य विभाग ने दो सप्ताह पहले इन जांचों की शुरुआत की थी लेकिन टेस्ट किट की सीमित आपूर्ति होने के कारण यह सेवा लंबे समय तक नहीं चल सकी। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि टेस्ट किट मंगवाने की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही जांच फिर शुरू करने की कोशिश की जा रही है। तब तक क्रस्ना लैब में यह टेस्ट होंगे। शिमला और आसपास के क्षेत्रों के हजारों मरीज आईजीएमसी में उपचार करवाने के लिए आते हैं।
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विटामिन डी और बी 12 की कमी शिमला जैसे क्षेत्रों में आम है। इससे हड्डियों की कमजोरी, थकावट, ध्यान में कमी और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में यह जांच बहुत जरूरी मानी जाती है। अब जांच बंद होने और क्रस्ना लैब में भीड़ के चलते जल्दी वाले मरीजों को निजी लैब में जाकर 600 से 1200 रुपये खर्च कर जांच करवानी पड़ रही है, जो कई लोगों के लिए संभव नहीं है। मरीजों का कहना है कि यह समस्या बार-बार आ रही है इसका स्थायी हल होना चाहिए। सरकारी लैब में जांच की सुविधा निरंतर चलती रहे, इसके लिए सप्लाई चेन को दुरुस्त करना जरूरी है। समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो मरीजों का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से उठ जाएगा।
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दो सप्ताह पहले ही शुरू हुए थे अस्पताल में यह टेस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में विटामिन डी और बी 12 के टेस्ट नहीं हो रहे। जांच के लिए जरूरी टेस्ट किट खत्म हो गई है और नई आपूर्ति अभी तक नहीं मिली है।
हैरानी की बात यह है कि यह सुविधा दो हफ्ते पहले ही सरकारी लैब में दोबारा शुरू की थी। इससे मरीजों को निजी लैब की महंगी जांचों से राहत मिली थी लेकिन अब दोबारा टेस्ट सेवा बंद होने से मरीजों को निराशा हाथ लगी है।
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पिछले कई महीनों तक आईजीएमसी की सरकारी लैब में विटामिन डी और बी 12 की जांच बंद रही थी। कई बार मरीजों और डॉक्टरों की मांग के बाद स्वास्थ्य विभाग ने दो सप्ताह पहले इन जांचों की शुरुआत की थी लेकिन टेस्ट किट की सीमित आपूर्ति होने के कारण यह सेवा लंबे समय तक नहीं चल सकी। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि टेस्ट किट मंगवाने की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही जांच फिर शुरू करने की कोशिश की जा रही है। तब तक क्रस्ना लैब में यह टेस्ट होंगे। शिमला और आसपास के क्षेत्रों के हजारों मरीज आईजीएमसी में उपचार करवाने के लिए आते हैं।
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विटामिन डी और बी 12 की कमी शिमला जैसे क्षेत्रों में आम है। इससे हड्डियों की कमजोरी, थकावट, ध्यान में कमी और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में यह जांच बहुत जरूरी मानी जाती है। अब जांच बंद होने और क्रस्ना लैब में भीड़ के चलते जल्दी वाले मरीजों को निजी लैब में जाकर 600 से 1200 रुपये खर्च कर जांच करवानी पड़ रही है, जो कई लोगों के लिए संभव नहीं है। मरीजों का कहना है कि यह समस्या बार-बार आ रही है इसका स्थायी हल होना चाहिए। सरकारी लैब में जांच की सुविधा निरंतर चलती रहे, इसके लिए सप्लाई चेन को दुरुस्त करना जरूरी है। समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो मरीजों का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से उठ जाएगा।