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हिमाचल: दिल्ली दौरे पर शिक्षा मंत्री की सफाई, शिमला जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन पर जताई चिंता
Fri, 11 Sep 2026 01:22 PM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Fri, 11 Sep 2026 01:22 PM IST
सार
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने अपने हालिया दिल्ली दौरे को लेकर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत कार्यक्रम के सिलसिले में दिल्ली गए थे और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात संयोगवश हुई। वहीं, शिमला जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन पर चिंता जताते हुए उन्होंने संगठन और नेतृत्व की गंभीर समीक्षा के संकेत दिए।
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शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल की राजनीति में चर्चा का विषय बने अपने हालिया दिल्ली दौरे को लेकर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली जाना किसी विशेष राजनीतिक उद्देश्य से नहीं था, बल्कि वह व्यक्तिगत कार्यक्रम के सिलसिले में वहां गए थे। इस दौरान संयोगवश कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात हुई और सामान्य राजनीतिक चर्चा भी हुई। इसे किसी एक राजनीतिक मुद्दे से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
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रोहित ठाकुर ने कहा कि दिल्ली में नेताओं से मुलाकात के बाद वह कैबिनेट बैठक में शामिल होने के लिए हिमाचल लौट आए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके दौरे को लेकर जिस तरह की राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं, उनका कोई आधार नहीं है।
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शिमला में कांग्रेस के प्रदर्शन पर चिंता
शिक्षा मंत्री ने शिमला जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस के अपेक्षा से कमजोर प्रदर्शन पर खुलकर चिंता जताई। उन्होंने माना कि चुनाव परिणाम पार्टी की उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे हैं और इनकी गंभीर समीक्षा की जरूरत है। रोहित ठाकुर ने कहा कि शिमला लंबे समय से कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में यहां पार्टी को नुकसान होना सामान्य बात नहीं है, बल्कि यह संगठन और नेतृत्व दोनों के लिए गंभीर संकेत है।
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उन्होंने कहा कि केवल शिमला ही नहीं, बल्कि प्रदेश स्तर पर भी पंचायत चुनावों के नतीजे कांग्रेस के पक्ष में नहीं रहे हैं। इससे पार्टी को राजनीतिक क्षति हुई है। इस पूरे मामले पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के साथ भी चर्चा की जाएगी और यह समझने का प्रयास होगा कि किन कारणों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाए।
जमीनी पकड़ मजबूत करने की जरूरत
रोहित ठाकुर ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव किसी भी राजनीतिक दल की जमीनी पकड़ का वास्तविक पैमाना होते हैं। आने वाले समय में चुनावी चुनौतियां और बढ़ सकती हैं, इसलिए अभी से कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करना जरूरी है। उन्होंने संगठनात्मक स्तर पर भी आत्ममंथन की प्रक्रिया शुरू किए जाने के संकेत दिए।
जयराम ठाकुर पर पलटवार
दिल्ली दौरे और पंचायत चुनावों को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चा के बीच शिक्षा मंत्री ने भाजपा और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव के परिणामों पर टिप्पणी करने से पहले जयराम ठाकुर को अपने कार्यकाल और उस दौरान हुए राजनीतिक घटनाक्रम को भी याद रखना चाहिए। रोहित ठाकुर ने दोहराया कि पंचायत चुनावों के नतीजों की निष्पक्ष और तथ्यात्मक समीक्षा सभी राजनीतिक दलों को करनी चाहिए, ताकि प्रदेश की वास्तविक राजनीतिक स्थिति सामने आ सके।
रोहित ठाकुर ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव किसी भी राजनीतिक दल की जमीनी पकड़ का वास्तविक पैमाना होते हैं। आने वाले समय में चुनावी चुनौतियां और बढ़ सकती हैं, इसलिए अभी से कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करना जरूरी है। उन्होंने संगठनात्मक स्तर पर भी आत्ममंथन की प्रक्रिया शुरू किए जाने के संकेत दिए।
जयराम ठाकुर पर पलटवार
दिल्ली दौरे और पंचायत चुनावों को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चा के बीच शिक्षा मंत्री ने भाजपा और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव के परिणामों पर टिप्पणी करने से पहले जयराम ठाकुर को अपने कार्यकाल और उस दौरान हुए राजनीतिक घटनाक्रम को भी याद रखना चाहिए। रोहित ठाकुर ने दोहराया कि पंचायत चुनावों के नतीजों की निष्पक्ष और तथ्यात्मक समीक्षा सभी राजनीतिक दलों को करनी चाहिए, ताकि प्रदेश की वास्तविक राजनीतिक स्थिति सामने आ सके।