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राजधानी में पानी की लीकेज तलाशेगा यूएसए का डिवाइस
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 03 Sep 2015 10:31 AM IST
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राजधानी शिमला में पानी की लीकेज तलाशने के लिए नगर निगम यूएसए की तर्ज पर ‘लीक डिटेक्शन डिवाइस’ का इस्तेमाल करेगा। नगर निगम के अधिकारियों ने बीते दिनों यूएसए के दौरे में ‘लीक डिटेक्शन डिवाइस’ को लेकर यूएसए म्यूनिसिपल काउंसिल से जानकारी हासिल की है। इस तकनीक से पानी की लीकेज का सटीक अंदाजा लग सकेगा और लीकेज बंद करके पानी की बरबादी रोकी जा सकेगी।
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जनवरी माह में यूएसए म्यूनिसिपल काउंसिल का प्रतिनिधिमंडल शिमला आएगा और तकनीक के शिमला में इस्तेमाल को लेकर अपने सुझाव देगा। विभिन्न योजना से शिमला को मिलने वाले पानी का 25 से 30 फीसदी लीकेज में बर्बाद हो जाता है। इस कारण शहर के लोगों को जलसंकट के कारण परेशानी झेलनी पड़ती है। नगर निगम अपने स्तर पर बीते कई सालों से लीकेज सुधारने का काम कर रहा है लेकिन परंपरागत तरीके से हो रहे इस काम में पैसा, समय और परिश्रम अधिक लग रहा है।
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बाहरी क्षेत्रों से शहर तक पहुंचने वाली पाइप लाइनों और शहर में डिस्ट्रिब्यूशन लाइनों में भारी लीकेज है। शहर के कई इलाकों में अभी भी अंग्रेजों के जमाने की बिछी पाइप लाइनों से पानी की आपूर्ति हो रही है। यूएसए की लीक डिडक्शन डिवाइस अगर शिमला में कारगर रहती है तो शहर के लोगों को जल संकट से निजात मिल सकती है।
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लीक डिटेक्शन डिवाइस का होगा इस्तेमाल- नगर निगम शिमला के आयुक्त पंकज राय ने बताया कि यूएसए की तर्ज पर शिमला में पानी की लीकेज तलाशने के लिए अत्याधुनिक लीक डिटेक्शन डिवाइस का इस्तेमाल करने की योजना है। यूएसए म्यूनिसिपल काउंसिल ने लीकेज तलाशने के लिए तकनीक को अपनाया गया है। जनवरी माह में यूएसए म्यूनिसिपल काउंसिल के प्रतिनिधि शिमला आएंगे और शिमला में इस तकनीक के इस्तेमाल को लेकर अपने सुझाव देंगे।