सड़क के लिए फंडिंग पर वर्तमान और पूर्व विधायक के बीच ठनी
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सड़क के लिए फंडिंग करवाने पर हिमाचल के मौजूदा और पूर्व विधायक में ठन गई है। जुब्बल-कोटखाई के भाजपा विधायक नरेंद्र बरागटा ने इस हलके के पूर्व कांग्रेस विधायक रोहित ठाकुर की बनवाई एक डीपीआर की फंडिंग को फिलहाल सहमति नहीं दी है। इससे राज्य सचिवालय में यह इकलौती डीपीआर फंस गई है।
इसे आगे वित्तपोषण को नाबार्ड में नहीं भेजा जा सका है। योजना विभाग की समीक्षा बैठक में वित्तपोषण को भेजी योजनाओं पर चर्चा हुई तो यह बात उजागर हुई। पिछली सरकार की विधायक प्राथमिकता की जो 14 योजनाएं वित्तपोषण को जानी थीं, उनमें 13 ही भेजी जा सकी हैं, जिन पर मौजूदा विधायकों की सहमति आई है।
यह फंसी हुई डीपीआर मैहना खड्ड से बढ़ाल लैहरोटी कटारला वाया शोभा सड़क की है। वर्ष 2017-18 की विधायक प्राथमिकता की यह डीपीआर 9.74 करोड़ रुपये लागत की है। इस लागत से सड़क निर्माण, मैटलिंग और टारिंग होनी है। सहमति मांगने के लिए योजना सलाहकार ने विधायक को 17 अप्रैल 2018 को विधायक को एक चिट्ठी भेजी है।
पहले लोगों से पूछूंगा तो दूंगा जवाब: बरागटा
मौजूदा विधायक नरेंद्र बरागटा ने कहा कि फिलहाल उनके ध्यान में ऐसी चिट्ठी नहीं है। अगर चिट्ठी मुझे आई है तो पहले पब्लिक से पूछूंगा कि इसमें ज्यादा से ज्यादा लोग कवर हो रहे हैं कि नहीं। वे जनता के लिए समर्पित हैं। पूर्व विधायक इसे बेवजह तूल दे रहे हैं।
हमने कभी इनकी बनाई डीपीआर को नहीं छेड़ा- पूर्व विधायक रोहित ठाकुर ने कहा कि जनहित के काम निरंतरता में होते हैं। यह बढ़ाल पंचायत में बागवानी की दृष्टि से महत्वपूर्ण सड़क है। सभी औपचारिकताएं पूरी हैं। हमने खुद पिछली बार इन विधायक की बनाई किसी डीपीआर से छेड़छाड़ नहीं की। इनके पिछले कार्यकाल में भी ऐसे ही होता रहा।