Shimla: सीमेंट ढुलाई रेट विवाद सुलझने से पहले बंट गई थीं ट्रक यूनियनें, जानें पूरा मामला
प्रदेश सरकार सोमवार को भले ही ट्रक मालिकों और कंपनी प्रबंधन के मध्यम ढुलाई के रेट पर सहमति बनाने में सफल रही है परंतु कई अन्य विवाद नहीं सुलझने से ट्रक मालिक उखड़े हुए हैं।
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सीमेंट विवाद ढुलाई रेट विवाद सुलझने से पहले ट्रक ऑपरेटर बंट गए थे? यह सवाल अब उठने लगा है। दो माह से अधिक समय तक चले विवाद के बीच ट्रक मालिक बिखरने लगे थे। इसे देखते हुए यूनियनों ने कंपनी प्रबंधन से माल भाड़े को लेकर समझौता करना बेहतर समझा। प्रदेश सरकार सोमवार को भले ही ट्रक मालिकों और कंपनी प्रबंधन के मध्यम ढुलाई के रेट पर सहमति बनाने में सफल रही है परंतु कई अन्य विवाद नहीं सुलझने से ट्रक मालिक उखड़े हुए हैं। दाड़लाघाट के ट्रक मालिकों में बैठक स्थल के बाहर ज्यादा नाराजगी देखी गई। एक समय तो ऐसी स्थिति भी सामने आई जब बैठक स्थल के बाहर दाड़लाघाट और बरमाणा के ट्रक मालिकों के प्रतिनिधि आपस में बहसते और उलझते रहे। एक बात तो साफ है कि दाड़लाघाट क्षेत्र से ट्रक मालिकों का मानना है कि क्लींकर बरमाणा एसीसी में भेजने से उनको काम कम मिलेगा। इसी तरह से अगर अंबूजा के बैग में एसीसी का सीमेंट भरा जाता है तो भी उनके ट्रकों का काम घटेगा। ऐसी स्थिति में दाड़लाघाट के ट्रक मालिकों को सीमेंट ढुलाई का काम सिमटेगा। दाड़लाघाट के ट्रकों को सिर्फ शिमला और किन्नौर जिलों में काम बचेगा। बाघल लैंड लूजर सोसाइटी के पूर्व अध्यक्ष और ट्रक मालिकों के साझे मंच के सदस्य राम कृष्ण शर्मा कहते हैं कि सिर्फ सीमेंट ढुलाई रेट को लेकर सहमति हुई है। दाड़लघाटा से क्लींकर एसीसी बरमाणा में जाएगा या नहीं। अंबुजा के बैग में एसीसी का सीमेंट भरकर बेचा जाएगा या नहीं। ये सबसे बड़े विवाद हैं और इनके न सुलझने से दाड़लाघाट के ट्रक मालिकों पर विपरीत असर पड़ेगा।
अल्ट्राटेक के ऑपरेटर भी फैसले से सहमत नहीं
बिलासपुर। एसीसी सीमेंट उद्योग बंद होने के बाद ट्रक ऑपरेटरों ने लगातार 68 दिन तक संघर्ष किया। लेकिन फिर भी कोई बड़ा फायदा बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर सहकारी सभा बरमाणा (बीडीटीएस) को नहीं हुआ है। बल्कि बीडीटीएस के ऑपरेटरों को वर्तमान में मिलने वाले किराये से भी 1.11 रुपये कम किराया प्रति मीटि्रक टन प्रति किमी मिलेगा। इसके अलावा मैदानी क्षेत्र के किराये में भी 26 पैसे की कटौती की गई है।
अल्ट्राटेक में सीमेंट ढुलाई करने वाली खारसी परिवहन सभा के महासचिव दौलत सिंह ठाकुर ने कहा कि उनकी कंपनी में हाल ही में ऑपरेटरों को 13 पैसे डीजल हाइक दी गई थी। कहा कि अब दोनों सीमेंट प्लांट में किराया कम होने का असर अल्ट्राटेक के ऑपरेटरों पर भी पड़ेगा। जबकि बीडीटीएस को चाहिए था कि वह 10.71 रुपये तक सीमेंट ढुलाई के लिए मानती। वहीं मैदानी क्षेत्र में भी किराये में कटौती हुई है जिससे ऑपरेटरों का नुकसान बढ़ जाएगा। बताया कि अल्ट्राटेक के ऑपरेटरों को यह मंजूर नहीं है। मंगलवार को आपातकालीन बैठक बुलाई है।
समझौते पर बीडीटीएस का दूसरा गुट नाराज कहा-ट्रक आॅपरेटरों के साथ हुआ अन्याय
अदाणी समूह के साथ हुए समझौते पर बिलासपुर ट्रक ऑपरेटर सहकारी सभा के दूसरे गुट ने नाराजगी जताई है। दूसरे गुट में शामिल बीडीटीएस सदस्यों का कहना है कि ट्रक ऑपरेटरों के साथ अन्याय हुआ है। पहले दो महीने से ज्यादा प्लांट बंद रहने ट्रक ऑपरेटरों को करोड़ों का नुकसान हुआ। अब मालभाड़े कम होने से नुकसान उठाना पड़ेगा। बीडीटीएस के पूर्व प्रधान जीत राम गौतम , ध्यान सिंह ठाकुर , राजेश ठाकुर , कश्मीर सिंह चंदेल ,बालकराम कपिल , रामकुमार शर्मा , सुभाष कपिल , रतन लाल ठाकुर ने कहा कि बैठक में मांग रखी थी कि ऑपरेटरों को छह चक्की टायर का भाड़ा 12.04 रुपये होना चाहिए। इस भाड़े से पांच प्रतिशत कम कर मल्टी एक्सल का भाड़ा तय होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि कम रेट ट्रक ऑपरेटर के लिए मान्य नहीं होंगे । ट्रक ऑपरेटरों की भावनाओं से खिलवाड़ हुआ है। इस रेट में सिंगल एक्सेल और मल्टी ऑपरेटरों को माल ढुलाई करना मुश्किल है।