हिमाचल: डिग्री के साथ नौकरी का अनुभव, हर महीने 10,900 रुपये स्टाइपेंड, एमओयू
राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 16 राजकीय महाविद्यालयों में अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) शुरू किया है। इसके लिए बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (उत्तरी क्षेत्र), कानपुर के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
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हिमाचल प्रदेश के विद्यार्थियों को अब डिग्री के साथ उद्योगों में काम करने का व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा। राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 16 राजकीय महाविद्यालयों में अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) शुरू किया है। इसके लिए बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (उत्तरी क्षेत्र), कानपुर के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की मौजूदगी में गुरुवार को राज्य सचिवालय में एमओयू हुआ। कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के लिए कम से कम छह माह की अनिवार्य अप्रेंटिसशिप होगी।
इस दौरान उन्हें हर महीने न्यूनतम 10,900 रुपये स्टाइपेंड भी मिलेगा। पहले चरण में तीन बीकॉम पाठ्यक्रमों को एईडीपी से जोड़ा गया है। इनमें बीकॉम बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस (बीएफएसआई), बीकॉम रिटेल ऑपरेशंस मैनेजमेंट और बीकॉम लॉजिस्टिक्स शामिल हैं। इन कार्यक्रमों में कुल 685 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। बीएफएसआई पाठ्यक्रम 11 कॉलेजों, रिटेल ऑपरेशंस मैनेजमेंट दो और लॉजिस्टिक्स तीन कॉलेजों में संचालित किया जा रहा है। अप्रेंटिसशिप के दौरान विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यस्थल पर काम करने का अवसर मिलेगा, जिससे पढ़ाई के साथ व्यावहारिक कौशल और उद्योग का अनुभव हासिल होगा।
उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बाद तीसरा राज्य
शिक्षा मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बाद हिमाचल प्रदेश यह मॉडल लागू करने वाला देश का तीसरा राज्य है। विद्यार्थियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए भविष्य में एईडीपी का विस्तार अन्य महाविद्यालयों के साथ बीए और बीएससी जैसे पाठ्यक्रमों तक भी किया जाएगा।
21 कॉलेजों में चल रहे बीवॉक का भी होगा विस्तार
प्रदेश के 21 सरकारी कॉलेजों में पहले से रिटेल मैनेजमेंट और टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी के बीवॉक कार्यक्रम चल रहे हैं। बेहतर प्लेसमेंट परिणामों को देखते हुए इन्हें 25 और कॉलेजों तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया है। मंत्री ने कहा कि इन कार्यक्रमों से प्रदेश के कई विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार मिला है।