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Shimla News: संविधान में महिलाओं के लिए भी पुरुषों के बराबर अधिकार
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रोटरी हॉल में हुई कार्यक्रम में दी जानकारी
महिलाओं को भी समान वेतन और संपत्ति का अधिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। संविधान में महिलाओं के लिए बने कानूनों और अधिकारों को लेकर वार्ता का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने बताया कि संविधान में महिलाओं के लिए शिक्षा का अधिकार, समान वेतन और संपत्ति के अधिकार दिया है। इसके साथ घरेलू हिंसा का विरोध, कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न और दहेज के खिलाफ विशिष्ट कानूनी सुरक्षा भी शामिल है।
रोटरी टाउन हॉल में आयोजित वार्ता में मुख्य वक्ता मेहक सूद ने बताया कि महिलाओं के अधिकार और कानून समानता सुनिश्चित करने तथा महिलाओं को विभिन्न प्रकार के भेदभाव-हिंसा से बचाने के लिए बनाए गए हैं। वार्ता का आयोजन इनर व्हील क्लब शिमला की ओर से करवाया गया। मेहक सूद ने बताया कि कानून हमें निःशुल्क कानूनी सहायता, मातृत्व लाभ और अधिकारों तक पहुंच की गारंटी देते हैं। इनर व्हील क्लब शिमला ने छात्रा ओमिशा चावला को स्मृति चिह्न चिन्ह देकर सम्मानित भी किया। क्लब की अध्यक्ष निरुपमा चौधरी ने कहा कि लड़कियों के लिए आत्मरक्षा सीखना जरूरी है। इस दौरान अध्यक्ष निरुपमा चौधरी, सचिव वंदना सूद, संपादक डॉ. कुशा पंडित चावला, पीआईडब्ल्यूबीडी रेनु बालजी, कार्यकारी सदस्य मीनाक्षी सूद और मीनाक्षी महाशे मौजूद रहीं। संवाद
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महिलाओं को भी समान वेतन और संपत्ति का अधिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। संविधान में महिलाओं के लिए बने कानूनों और अधिकारों को लेकर वार्ता का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने बताया कि संविधान में महिलाओं के लिए शिक्षा का अधिकार, समान वेतन और संपत्ति के अधिकार दिया है। इसके साथ घरेलू हिंसा का विरोध, कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न और दहेज के खिलाफ विशिष्ट कानूनी सुरक्षा भी शामिल है।
रोटरी टाउन हॉल में आयोजित वार्ता में मुख्य वक्ता मेहक सूद ने बताया कि महिलाओं के अधिकार और कानून समानता सुनिश्चित करने तथा महिलाओं को विभिन्न प्रकार के भेदभाव-हिंसा से बचाने के लिए बनाए गए हैं। वार्ता का आयोजन इनर व्हील क्लब शिमला की ओर से करवाया गया। मेहक सूद ने बताया कि कानून हमें निःशुल्क कानूनी सहायता, मातृत्व लाभ और अधिकारों तक पहुंच की गारंटी देते हैं। इनर व्हील क्लब शिमला ने छात्रा ओमिशा चावला को स्मृति चिह्न चिन्ह देकर सम्मानित भी किया। क्लब की अध्यक्ष निरुपमा चौधरी ने कहा कि लड़कियों के लिए आत्मरक्षा सीखना जरूरी है। इस दौरान अध्यक्ष निरुपमा चौधरी, सचिव वंदना सूद, संपादक डॉ. कुशा पंडित चावला, पीआईडब्ल्यूबीडी रेनु बालजी, कार्यकारी सदस्य मीनाक्षी सूद और मीनाक्षी महाशे मौजूद रहीं। संवाद
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