{"_id":"670e75f9529b84c8c6009614","slug":"the-company-will-have-to-provide-water-6-days-a-week-under-any-circumstances-shimla-news-c-19-sml1001-425122-2024-10-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla: शहर में अब हफ्ते में छह दिन मिलेगा पानी, महापाैर ने दिए पेयजल आपूर्ति सुधारने के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla: शहर में अब हफ्ते में छह दिन मिलेगा पानी, महापाैर ने दिए पेयजल आपूर्ति सुधारने के निर्देश
Wed, 16 Oct 2024 10:26 AM IST
शिमला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 16 Oct 2024 10:26 AM IST
सार
नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान ने मंगलवार को टाउनहॉल में आयोजित बैठक के दौरान पेयजल कंपनी के अधिकारियों से पानी की आपूर्ति पर रिपोर्ट ली।
विज्ञापन
शिमला शहर ।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के कई वार्डाें में तीसरे और चौथे दिन मिल रही पेयजल आपूर्ति को सुधारने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान ने मंगलवार को टाउनहॉल में आयोजित बैठक के दौरान पेयजल कंपनी के अधिकारियों से पानी की आपूर्ति पर रिपोर्ट ली। पूछा कि कई वार्डाें से पानी को लेकर क्यों शिकायतें आ रही हैं। वहीं कंपनी के महाप्रबंधक राजेश कश्यप ने दावा किया शहर में अभी हफ्ते के छह दिन पानी की आपूर्ति दी जा रही है।
विज्ञापन
महापौर ने कहा कि सभी वार्डाें में हर हाल में इस शेड्यूल के अनुसार पानी दिया जाए। इसके लिए पेयजल लाइनों में हो रही लीकेज को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। महापौर ने कहा कि छोटा शिमला समेत शहर के कई वार्डाें में पेयजल लाइनें टूटी पड़ी हैं। ज्यादातर जमीन के नीचे दबी लाइनों में पानी बर्बाद बह रहा है। इसे ठीक किया जाए। कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि गुम्मा पेयजल योजना की मुख्य लाइन में हो रही लीकेज को दूर करने के लिए यहां नई लाइन बिछाई जा रही है। गिरि में गाद की समस्या को कम करने के लिए एक बड़े टैंक का निर्माण हो रहा है। कंपनी ने सीवरेज से जुड़े कामों की भी रिपोर्ट पेश की।
विज्ञापन
निगम से पूछकर ही सामान खरीदेगी कंपनी
बैठक में महापौर ने निर्देश दिए कि 24 घंटे पेयजल योजना के लिए पाइप, मशीनरी आदि की खरीद की जानकारी नगर निगम को देनी होगी। इनकी खरीद के लिए होने वाले दौरे में पार्षदों की कमेटी भी शामिल की जाएगी। पार्षदों को भी जानकारी होनी चाहिए कि इस योजना में क्या-क्या काम हो रहे हैं। इससे योजना को धरातल पर उतारने में आसानी होगी। महापौर ने बावड़ियों के बर्बाद बहते पानी को रोकने को लेकर भी प्रस्ताव बनाने को कहा।
विज्ञापन
बावड़ियों का पानी किया जाएगा इस्तेमाल
कंपनी ने कहा कि कनलोग, खलीनी, बैमलोई, छोटा शिमला समेत कई उपनगरों में बावड़ियों को चिह्नित किया है। इनका पानी पाइपलाइन के जरिये सार्वजनिक शौचालयों तक पहुंचाया जा रहा है। इससे पीने के पानी की बचत होगी। महापौर ने कुछेक जगह टैंक निर्माण के भी निर्देश दिए ताकि पानी स्टोर कर आसपास की आबादी को शौचालय और कपड़े धोने आदि कामों के लिए यह पानी उपलब्ध हो सके।