यहां गणतंत्र दिवस पर मेडल नहीं, इनाम में औषधीय पौधे बांटकर रचा इतिहास
गणतंत्र दिवस पर जिला सिरमौर ने इस बार इतिहास रचा है। ऐतिहासिक चौगान मैदान में गणतंत्र दिवस पर जिला स्तरीय समारोह इस बार पर्यावरण संरक्षण को समर्पित रहा। इसमें भाग लेने वाले प्रतिभागी बच्चों को मेडल और नगद पुरस्कार के बजाय औषधीय पौधे बांटे गए।
बच्चे इन पौधों को अपने घर के आंगन में रोपेंगे और इनकी देखभाल करेंगे। जिला प्रशासन की यह अनूठी पहल पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर अहम मानी जा रही है। पहली बार किसी राष्ट्रीय स्तर के उत्सव में पौधे बतौर इनाम दिए गए।
गणतंत्र दिवस पर प्रतिभागियों को नगद पुरस्कार देने की रिवायत वर्षों से रही है। बच्चों को ट्रॉफी, मेडल या नकद पुरस्कार मिलते रहे हैं। इस बार प्रशासन ने कुछ हटकर किया है।
पुरस्कार के रूप में बच्चों को एक-एक औषधीय पौधा दिया गया। साथ में एक ज्ञानवर्धक पुस्तकें भी दी गई। यह पुस्तक स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी जैसे महापुरुषों की जीवनी पर आधारित है।
एक लाख पौधे रोपने वाले मीन सिंह को मिला सम्मान
नौहराधार तहसील की देवना पंचायत के बुजुर्ग मीन सिंह को प्रशासन ने खास तौर पर सम्मानित किया। उन्होंने जंगलों में एक लाख से अधिक पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण क्षेत्र में युवा पीढ़ी को नई दिशा दिखाई है।
नौहराधार में ही प्रशासन ने तस्दीक की तो उनकी ओर से रोपे गए 25 हजार से अधिक पौधे पाए गए। रेडक्रॉस के लिए भवन देने, स्कूल को धनराशि देने वाले, आग बुझाने में उत्कृष्ट करने वालों को भी सम्मानित किया गया।
उपायुक्त ललित जैन ने कहा कि गणतंत्र दिवस की थीम पर्यावरण संरक्षण और ज्ञान अर्जित करने पर आधारित था। इसके मद्देनजर प्रतिभागियों को जामुन, नीम, आंवला आदि के पौधे दिए गए।
यह पौधा जीवनभर उन्हें गणतंत्र दिवस की याद दिलाने के साथ देशभक्ति का जज्बा भी पैदा करेगा। लगभग 250 पौधे बांटने का लक्ष्य रखा है। महापुरुषों की जीवनी पर आधारित पुस्तकें भी बतौर इनाम दी गईं।