तो क्या छुट्टी न मिलने का तनाव नहीं झेल पाया जवान
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... तो क्या सेना में छुट्टी न मिलने के चलते जवान इतने तनाव में आ सकता है कि वह अपने ही वरिष्ठ अधिकारियों को गोलियों से भून दे और खुद की भी जान ले ले। आर्मी कैंट एरिया टीहरा लाइन में सेना के जवान के इस कदम ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों की मानें तो अपने दो साथियों पर गोली चलाने वाला सिख रेजिमेंट का 21 वर्ष का जसवीर सिंह मार्च महीने के बाद घर छुट्टी पर नहीं गया था। जसवीर सिंह डेढ़ वर्ष पहले सेना में भर्ती हुआ था।
करीब नौ महीने की सामान्य ट्रेनिंग के बाद जसवीर को घर छुट्टी पर भेजा गया था। छुुट्टी के बाद उसे मार्च में धर्मशाला में 18 सिख रेजिमेंट में भेजा गया। जसवीर सिंह को यहां सेना की इस यूनिट के हिसाब से ट्रेंड किया जा रहा था।
छुट्टी न मिलने के चलते गहरे तनाव में था जवान
इसे यंग सोल्जर कॉडर ट्रेनिंग कहते हैं। सूत्रों की मानें तो यह ट्रेनिंग एक ही दिन बाद खत्म भी हो रही थी। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि जवान शायद मार्च महीने के बाद छुट्टी न मिलने के चलते गहरे तनाव में था।
जवान को छुट्टी अफसर देते हैं, लेकिन इसके लिए जवान को पहले अपने सीनियर हवलदार को बताना होता है। छुट्टी की अर्जी हवलदार अपने सीनियर के जरिये अफसर तक पहुंचाता है।
इसी के बाद छुट्टी मंजूर होती है। माना जा रहा है कि शायद छुट्टी न मिलने के चलते तनाव में जवान ने अपने उच्च अधिकारियों को मौत के घाट उतार दिया। हालांकि, जवान ने घटना से पहले कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है।
मौत के असल कारणों का पता पुलिस की पूरी तथ्यात्मक जांच के बाद ही पता चलेगा, लेकिन नरसंहार के पीछे तनाव के संदेह ने बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।