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कांगड़ा में और बढ़ी गुटबाजी: सत्ती ने बुलाई बैठक, शांता समेत 9 विधायकों व मंत्रियों ने किया किनारा

Mon, 22 Jul 2019 03:11 PM IST
अरविन्द ठाकुर सुनील चड्ढा, अमर उजाला, धर्मशाला
सुनील चड्ढा, अमर उजाला, धर्मशाला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 22 Jul 2019 03:11 PM IST
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Rift in Kangra BJP Shanta kumar and Nine MLA did not attend BJP meeting in Dharamshala
बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

भाजपा नेता इंदु गोस्वामी और रमेश धवाला की ओर से सतपाल सत्ती और पवन राणा के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद कांगड़ा में मचा सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस सियासी हंगामे को थामने के लिए बीते दिन धर्मशाला में प्रदेशाध्यक्ष की ओर से आनन-फानन में बुलाई गई बैठक से पूर्व सांसद और पार्टी के वरिष्ठ नेता शांता कुमार समेत नौ विधायकों और मंत्रियों ने किनारा कर लिया। 

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सत्ती ने बैठक में सभी भाजपा विधायकों, 2017 के विस चुनाव के प्रत्याशियों, संगठनात्मक जिला अध्यक्ष और महामंत्रियों को बुलाया था। लेकिन, बैठक में कांगड़ा के 11 भाजपा विधायकों में से सिर्फ 2 राकेश पठानिया और मुलखराज प्रेमी ने ही शिरकत की। कांगड़ा के तीनों मंत्री भी नहीं आए।
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हालांकि सरवीण चौधरी और विपिन परमार दोनो मंत्री इन दिनों विदेश में हैं। हारे हुए प्रत्याशियों में भी सिर्फ कृपाल परमार ने भाग लिया। सत्ती और पवन राणा के खिलाफ आवाज उठाने वाले नाराज रमेश धवाला और इंदु गोस्वामी भी बैठक में नहीं आए। इंदु बैजनाथ में अपने घर पर ही रहीं।

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हालांकि संगठन ने बताया कि बैठक का मुद्दा अगले माह 17 और 18 अगस्त को धर्मशाला में होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के आयोजन की तैयारियों की रूपरेखा बनाना था। लेकिन, सूत्रों के अनुसार अंदरखाते मुख्य मुद्दा कांगड़ा में मचे सियासी हंगामे को थामना था। माना जा रहा है कि कांगड़ा में मचे सियासी हंगामे से शांता कुमार खासे नाराज हैं।

धर्मशाला में हुई महत्वपूर्ण बैठक से शांता कुमार ने भी बुलावे के बावजूद पूरी तरह किनारा कर लिया। सत्ती ने शांता कुमार को खुद फोन कर बैठक में बुलाया था। शांता पालमपुर से शाहपुर में एक शोक सभा में तो गए लेकिन यहां से 25 किलोमीटर दूर प्रदेशाध्यक्ष की धर्मशाला में बैठक में नहीं आए। यहां से शांता दोपहर को सीधा पालमपुर आ गए। जबकि धर्मशाला में बैठक शाम को थी। सूत्रों की मानें तो शांता कुमार संगठन के नेतृत्व की कार्यप्रणाली से खुश नहीं हैं। 

प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कहा कि बैठक के लिए निमंत्रण सभी विधायकों और 2017 के विस चुनाव के प्रत्याशियों को भेजा था। चूंकि सोमवार को शिमला में नए राज्यपाल के शपथ ग्रहण समारोह में भी सभी नेताओं को बुलावा आया है तो कई लोग शिमला पहुंच चुके थे। इसलिए जो नेता कांगड़ा में थे, वह बैठक में आ गए। 4 अगस्त को भी धर्मशाला में बैठक रखी गई है। इसमें प्रदेश कार्यसमिति की बैठक की तैयारियों को लेकर रूपरेखा बनाई जाएगी।

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