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हिमाचल में घरेलू उपभोक्ताओं को लग सकता है बिजली की बढ़ी दरों का झटका
Wed, 22 May 2019 01:05 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 22 May 2019 01:05 PM IST
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- फोटो : फाइल फोटो
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हिमाचल में जून के पहले हफ्ते में बिजली की नई दरें जारी हो सकती हैं। राज्य विद्युत नियामक आयोग चुनाव आचार संहिता समाप्त होने के इंतजार में है। दो साल बाद घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली की बढ़ी दरों का झटका लग सकता है। नई दरें तय करने में जुटे आयोग का काम अंतिम चरण में है। प्रदेश में 27 मई तक चुनाव आचार संहिता लगी हुई है। बिजली की नई दरें पहली अप्रैल से लागू होंगी।
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हिमाचल में साल 2016 में घरेलू बिजली की दरें 3.5 फीसदी बढ़ाई गई थी। इससे पूर्व साल 2014-15 में बिजली दरों को बढ़ाया गया था। साल 2017-18 में चुनावी साल होने के चलते दरों में कोई इजाफा नहीं हुआ। 2018-19 में लगातार दूसरे साल भी प्रदेश में घरेलू बिजली की दरें नहीं बढ़ी थीं। ऐसे में संभावित है कि हिमाचल में इस साल बिजली महंगी हो सकती है।
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राज्य बिजली बोर्ड को अपने खर्च पूरे करने के लिए साल 2019-20 में 5801.58 करोड़ राजस्व की जरूरत है। साल 2018-19 के मुकाबले बोर्ड का खर्च 512.32 करोड़ रुपये बढ़ने की संभावना है। बीते सालों के घाटे को जोड़ लिया जाए तो बिजली बोर्ड को साल 2019-20 में 6451.52 करोड़ की जरूरत है। बोर्ड के मुताबिक बीते सालों के घाटे को पूरा करने के लिए 1062.26 करोड़ की आवश्यकता है।
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इन बिंदुओं के आधार पर ही बोर्ड ने राज्य विद्युत नियामक आयोग में रिव्यू पिटीशन दायर की है। बिजली बोर्ड का खर्च बढ़ने, आय कम होने और बीते दो सालों से दरें नहीं बढ़ने की दुहाई देते हुए आर्थिक स्थिति को खराब बताया गया है। बीते दिनों आयोग ने इस बाबत जन सुनवाई भी कर ली है। इसमें उद्योगपतियों ने दरें नहीं बढ़ने की मांग की है। उद्योगपतियों ने प्रदेश से उद्योगों का पलायन रोकने के लिए दरों को न बढ़ाने की पैरवी की है।