हिमाचल के आठ प्रदूषित शहरों में रोपे जाएंगे इतने हजार पौधे
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प्रदेश के आठ सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए कवायद तेज हो गई है। इन शहरों पर 20-20 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस दौरान इन क्षेत्रों में जहां पौधरोपण किया जाएगा, वहीं पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। इन शहरों में प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड वन विभाग व अन्य संस्थाओं के सहयोग से 10-10 हजार पौधों को रोपेगा।
जानकारी के अनुसार एनजीटी ने हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला के बद्दी, नालागढ़, परवाणू, कांगड़ा जिला के डमटाल, सिरमौर जिला के कालाअंब, पांवटा साहिब, मंडी जिले के सुंदरनगर व ऊना जिले के औद्योगिक क्षेत्रों को सबसे अधिक प्रदूषित शहरों की सूची में रखा है। इन शहरों को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए हिप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इंदौरा में उपमंडल स्तर पर अधिकारियों से बैठक कर मंथन किया।
इसमें डॉ. आरके पुर्थी सदस्य सचिव राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने बताया कि एनजीटी को वायु प्रदूषण से बचाव के लिए डमटाल व आसपास क्षेत्र के लिए एक कार्य योजना भेजी गई है।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी धर्मशाला, लोनिवि, कृषि, वन विभाग, राष्ट्रीय उच्च मार्ग ए 1 के प्रशासनिक अधिकारी, बीडीओ, 9 क्षेत्र आयुद्ध भंडार व राजस्व विभाग के स्टेक होल्डर ने भाग लिया।
इसके अतिरिक्त इंदौरा, डमटाल, गंगथ के व्यापार मंडल, उद्योगपतियों आदि को क्षेत्र में हरित क्रांति लाने व अधिकाधिक पौधा रोपण करने पर बल दिया गया। इस बरसात में 10 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया।