हिमाचल विधानसभा: सीएम सुक्खू बोले- महिला उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज करने के लिए बनेगी गोपनीय व्यवस्था
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि महिला सम्मान और सुरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार पूरी तरह संवेदनशील है। महिलाओं के साथ किसी भी तरह के दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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हिमाचल प्रदेश में महिलाओं के उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों को दर्ज कराने के लिए सरकार गोपनीय व्यवस्था तैयार करेगी। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि महिला सम्मान और सुरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार पूरी तरह संवेदनशील है। महिलाओं के साथ किसी भी तरह के दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान विधायक मलेंद्र राजन के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार महिलाएं सामाजिक दबाव, बदनामी के डर या अन्य कारणों से उत्पीड़न की शिकायत सामने नहीं ला पाती हैं। ऐसे मामलों में शिकायतकर्ता की पहचान और उसकी निजता सुरक्षित रखना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए शिकायत दर्ज करने के लिए ऐसी व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिसमें महिलाएं बिना किसी भय के अपनी शिकायत अधिकारियों तक पहुंचा सकें।
उधर, संबंधित विभाग ने लिखित जवाब में बताया कि प्रदेश के सरकारी, अर्ध सरकारी, निजी कार्यस्थलों और शैक्षणिक संस्थानों में पिछले तीन वर्षों में महिला उत्पीड़न के 131 मामले दर्ज किए गए हैं। सर्वाधिक शिकायतें विभागों और विश्वविद्यालयों से प्राप्त हुई हैं। बोर्ड और निजी संस्थानों में कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई। पिछले तीन वर्षों में कुल 37 मामलों में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इनमें से तीन दोषियों को सेवा से निष्कासित किया गया। एक मामले में दोषी पर नियमानुसार गंभीर दंड लगाया गया। एक दोषी को सेवा से निलंबित किया गया। दो मामलों में दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। दो संबंधित कर्मचारियों को आरोप पत्र दिया गया। नौ दोषियों का स्थानांतरण किया गया। 19 मामलों को आपसी सहमति के आधार पर सुलझाया गया, जिसमें माफीनामे के उपरांत चेतावनी भी जारी की गई।
पाठ्यक्रम में शामिल होना चाहिए महिला सम्मान
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने महिला सम्मान काे पाठ्यक्रम में शामिल करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने महिला उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज करने के लिए शी पोर्टल बनाया है। प्रदेश में भी ऐसा पोर्टल बनाने की संभावना तलाशी जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी विभागों में पौश कमेटियां भी गठित की गई हैं।