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Shimla News: राजधानी में बेकार खड़ी हैं एक दर्जन से अधिक इलेक्टि्रक बसें
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वर्ष 2018 में करोड़ों रुपये में हुई थी बसों की खरीद, अब कंपनी से किया जाएगा मरम्मत कार्य के लिए करार
अब ठीक करवाने के लिए कंपनी से होगा छह साल का करार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में वर्ष 2018-19 में खरीदी गईं इलेक्टि्रक बसों को परिवहन निगम ठीक करके दोबारा चलाएगा। कलपुर्जे न होने से यह बसें लंबे अर्से से बेकार खड़ी हैं। पहले चरण में खरीदी गईं इन बसों में करीब एक दर्जन से अधिक ऐसी हैं, जो खराब होने के बाद ठीक नहीं हो पा रही हैं।
अब करोड़ों रुपये की बसों को ठीक करवाने के लिए परिवहन निगम कंपनी के साथ छह साल के लिए करार करने जा रहा है। इसको लेकर कंपनी के साथ बात की जा रही है, जो अंतिम चरणों में बताई जा रही है। इसको लेकर एग्रीमेंट होने पर बसों का छह साल तक कंपनी ही रखरखाव करेगी जिसमें कंपनी के मैकेनिक ही बसों की मरम्मत का कार्य करेेंगे। इसकी एवज में परिवहन निगम एग्रीमेंट के अनुसार भुगतान करेगा।
परिवहन निगम के राजधानी शिमला के बेड़े में शुरुआत में 2018-19 में 50 बसें खरीद कर शामिल की गईं थी। इनमें से 25 से 30 ऐसी हैं, जिनमें खराबी आई है। निगम के वर्कशॉप में जो मरम्मत संभव होती है, उसे ही ठीक कर शहर में चलाया जा रहा है लेकिन 12 चलने की स्थिति में नहीं है। इन बसों की मरम्मत के लिए आवश्यक कलपुर्जे उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। इस परेशानी को देखते हुए परिवहन निगम ने करोड़ों की बेकार पड़ी इन बसों को फिर से सड़क पर चलाकर लोगों के लिए उपयोगी बनाने को कंपनी के साथ करार करने की तैयारी कर रहा है। परिवहन निगम के संबंधित अधिकारियों ने माना कि कंपनी के साथ बात चल रही है, इसमें शर्तों और नियमों का प्रारूप तैयार किया जा रहा है। करार को लेकर सभी आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने पर दोनों पक्षों के बीच वार्षिक मेंटेनेंस कांट्रेक्ट साइन किया जा सकेगा।
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दूसरे चरण में आईं 20 बसों के लिए हुआ समझौता
राजधानी में दूसरे चरण में खरीदी गईं बसों में से मिली 20 बसों का कंपनी के साथ एनुअल मेंटेनेंस कांट्रेक्ट (एमएमसी) 12 साल के लिए किया गया है। इससे इन बसों की मरम्मत और रखरखाव, खराब होने वाले कलपुर्जों को बदलने का कार्य कंपनी के लोग ही करते आ रहे हैं। इससे बसें शहर में चल रही हैं और लोगों को सुविधा मिल रही है।
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अब ठीक करवाने के लिए कंपनी से होगा छह साल का करार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में वर्ष 2018-19 में खरीदी गईं इलेक्टि्रक बसों को परिवहन निगम ठीक करके दोबारा चलाएगा। कलपुर्जे न होने से यह बसें लंबे अर्से से बेकार खड़ी हैं। पहले चरण में खरीदी गईं इन बसों में करीब एक दर्जन से अधिक ऐसी हैं, जो खराब होने के बाद ठीक नहीं हो पा रही हैं।
अब करोड़ों रुपये की बसों को ठीक करवाने के लिए परिवहन निगम कंपनी के साथ छह साल के लिए करार करने जा रहा है। इसको लेकर कंपनी के साथ बात की जा रही है, जो अंतिम चरणों में बताई जा रही है। इसको लेकर एग्रीमेंट होने पर बसों का छह साल तक कंपनी ही रखरखाव करेगी जिसमें कंपनी के मैकेनिक ही बसों की मरम्मत का कार्य करेेंगे। इसकी एवज में परिवहन निगम एग्रीमेंट के अनुसार भुगतान करेगा।
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परिवहन निगम के राजधानी शिमला के बेड़े में शुरुआत में 2018-19 में 50 बसें खरीद कर शामिल की गईं थी। इनमें से 25 से 30 ऐसी हैं, जिनमें खराबी आई है। निगम के वर्कशॉप में जो मरम्मत संभव होती है, उसे ही ठीक कर शहर में चलाया जा रहा है लेकिन 12 चलने की स्थिति में नहीं है। इन बसों की मरम्मत के लिए आवश्यक कलपुर्जे उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। इस परेशानी को देखते हुए परिवहन निगम ने करोड़ों की बेकार पड़ी इन बसों को फिर से सड़क पर चलाकर लोगों के लिए उपयोगी बनाने को कंपनी के साथ करार करने की तैयारी कर रहा है। परिवहन निगम के संबंधित अधिकारियों ने माना कि कंपनी के साथ बात चल रही है, इसमें शर्तों और नियमों का प्रारूप तैयार किया जा रहा है। करार को लेकर सभी आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने पर दोनों पक्षों के बीच वार्षिक मेंटेनेंस कांट्रेक्ट साइन किया जा सकेगा।
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दूसरे चरण में आईं 20 बसों के लिए हुआ समझौता
राजधानी में दूसरे चरण में खरीदी गईं बसों में से मिली 20 बसों का कंपनी के साथ एनुअल मेंटेनेंस कांट्रेक्ट (एमएमसी) 12 साल के लिए किया गया है। इससे इन बसों की मरम्मत और रखरखाव, खराब होने वाले कलपुर्जों को बदलने का कार्य कंपनी के लोग ही करते आ रहे हैं। इससे बसें शहर में चल रही हैं और लोगों को सुविधा मिल रही है।