अब कोई भी व्यक्ति ग्रामीण क्षेत्रों में खोल सकेगा निजी अस्पताल
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प्रदेश के गांवों में स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत करने के लिए सरकार स्वास्थ्य सहभागिता योजना शुरू करेगी। इसके लिए सरकार चुने हुए ग्रामीण इलाकों में एलोपैथिक निजी अस्पताल खोलने पर उपदान देगी। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।
इस योजना के तहत प्रदेश में खुलने वाले अस्पतालों में ग्रामीणों को बेहतर और किफ ायती स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। सरकार ने इसके लिए वर्तमान वित्त वर्ष में 2302 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
अधिसूचना के मुताबिक दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अत्याधुनिक किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। चुने हुए ग्रामीण क्षेत्रों में निजी अस्पताल स्थापित करने पर एक करोड़ के निवेश पर 25 प्रतिशत उपदान और तीन साल तक पांच प्रतिशत ब्याज उपदान दिया जाएगा।
लोगों को घर-द्वार सेवाएं देने की पहल
स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने बताया कि लोगों को घर-द्वार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें, इसके चलते सरकार ने यह पहल की है। मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में इस योजना को शुरू करने की घोषणा की थी।
कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। इन निजी अस्पताल में गायनी, पीडियाट्रिक्स, मेडिसिन, सर्जरी और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ का होना अनिवार्य है। यहां लोगों को 24 घंटे सेवा मिलनी चाहिए।