Hamirpur News: एनआईटी में विद्यार्थी की संदिग्ध मौत, पुलिस कर रही जांच
पुलिस अधीक्षक डॉ. आकृति शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार वर्मा और एसएचओ हमीरपुर हरीश गुलेरिया की अगुवाई में एनआईटी के विभिन्न छात्रावासों में पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया।
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राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान(एनआईटी) हमीरपुर में एमटेक प्रथम वर्ष के छात्र की रविवार देर रात संदिग्ध परिस्थतियों में मौत हो गई। सोमवार सुबह छात्र अपने छात्रावास के कमरे में मृत पाया गया। मृतक की पहचान सुजल शर्मा (22) पुत्र सुशील कुमार निवासी गांव पंजगई, जिला बिलासपुर के रूप में हुई है। मृतक ने हिमाचल प्रदेश विवि शिमला से स्नातक की पढ़ाई करने के बाद सितंबर 2023 में एनआईटी हमीरपुर में दाखिला लिया था। आजकल एनआईटी में तीन दिवसीय वार्षिक उत्सव हिलफेयर कार्यक्रम चल रहा है। देर रात तक यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। ऐसे में नशा तस्कर भी सक्रिय हो गए हैं। जो कि संस्थान में आसानी से एंट्री मार कर यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को नशा उपलब्ध करवाने का काम कर रहे हैं। छात्र की मौत की सूचना मिलने के बाद हमीरपुर सदर से पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस अधीक्षक डॉ. आकृति शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार वर्मा और एसएचओ हमीरपुर हरीश गुलेरिया की अगुवाई में एनआईटी के विभिन्न छात्रावासों में पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया।
इस दौरान पुलिस ने एक छात्रावास से छह ग्राम चिट्टा भी बरामद किया। पुलिस ने एनआईटी के दो छात्रों और एक नशा तस्कर को इस मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामला गंभीर होने के चलते मंडी स्थित फोरेंसिंक साइंस विभाग को भी इसकी सूचना दी। इस पर फोरेंसिंक साइंस विभाग के उपनिदेशक डॉ. नसीब सिंह अपनी टीम समेत संस्थान में पहुंचे। फोरेंसिंक साइंस विभाग और पुलिस ने मौके पर इस मामले से जुड़े कई साक्ष्य जुटाए हैं। रात साढ़े सात बजे तक पुलिस अधीक्षक डॉ. आकृति शर्मा की अगुवाई में संस्थान के भीतर पुलिस का सर्च अभियान और छात्रों व संस्थान के अधिकारियों से पूछताछ का दौर चलता रहा। हालांकि अभी तक छात्र के मौत के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है। फोरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असल कारणों का पता चल पाएगा। उधर, पुलिस अधीक्षक डॉ. आकृति शर्मा ने कहा कि छात्र की मौत मामले में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 304 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले में एक नशा तस्कर और दो छात्रों को गिरफ्तार किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। पुलिस के सर्च ऑपरेशन के दौरान संस्थान परिसर के भीतर से छह ग्राम चिट्टा भी बरामद हुआ।
छह वर्ष पूर्व भी हुई भी एमटेक छात्र की संदिग्ध मौत
वर्ष 2017 में भी एनआईटी हमीरपुर में एमटेक के एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। मृतक की माता पूनम वाष्णेय ने कहा कि उसका बेटा राजेश कुमार एनआईटी हमीरपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन एमटेक द्वितीय वर्ष का छात्र था। राजेश की मौत हृदय गति रुकने से नहीं बल्कि संदिग्ध अवस्था में हुई है। मृतक की माता का आरोप है कि बेटे के इलाज में कई तरह की लापरवाही बरती गई। ऐसे में उसे क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में उपचार के लिए पैदल चलना पड़ा जबकि हार्टअटैक मरीज को पैदल नहीं चलाया जाता। क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचने के आधा घंटा बाद भी उसे उपचार नहीं मिला। मृतक की माता ने संस्थान और अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए थे। मामले की शिकायत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, विदेशमंत्री, मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और उपायुक्त हमीरपुर से की थी। केंद्र ओर प्रदेश सरकार इस मामले की सीबीआई से निष्पक्ष जांच करवाने की गुहार लगाई गई थी।