मां की ममता शर्मसार, एनएच किनारे झाड़ियों में फेंक दी बच्ची
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देवभूमि में मां की ममता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। करीब तीन महीने की दुधमुंही बच्ची को कंबल में लपेटकर किसी ने नेशनल हाईवे के किनारे झाड़ियों में मरने के लिए छोड़ दिया। लेकिन ‘जाको राखे साइयां मार सके न कोई’ वाली कहावत उस समय चरितार्थ हुई जब एक रिटायर अधिकारी मसीहा बनकर बच्ची की जान बचाने पहुंच गया।
घटना नाहन से दस किलोमीटर दूर कालाअंब-पांवटा साहिब नेशनल हाईवे-07 पर सैनवाला के समीप की है। वीरवार तड़के सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी रामेश्वर तोमर सुबह की सैर पर निकले थे। तोमर ने शिव काली मंदिर के पास झाड़ियों में बच्ची के रोने की आवाज सुनी। वह झाड़ियों तक पहुंचे तो बच्ची कंबल में लिपटी बिलख रही थी।
मसीहा बनकर पहुंचे रिटायर अफसर ने बचाई जान
तोमर तुरंत बच्ची को उठाकर अपने घर ले आए। उन्होंने आंबवाला सैनवाला पंचायत के प्रधान संदीपक को इसकी सूचना दी। रामेश्वर ने अपने घर पर ही बच्ची को संरक्षण दिया है।
पंचायत ने पुलिस को भी फोन पर मामले की स्थिति से अवगत करवाया है। पुलिस ने मौके का मुआयना कर कालाअंब पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया है।
एएसपी डॉ. मोनिका ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। जल्द ही पता लगाया जाएगा कि किसने अपनी बच्ची को एनएच के किनारे मरने के लिए छोड़ दिया।