{"_id":"5cd52822bdec22074363836b","slug":"lok-sabha-election-2019-fake-fb-accounts-of-bjp-and-congress-in-these-days","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करने में जुटे राजनीतिक दल, फर्जी अकाउंट की बाढ़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करने में जुटे राजनीतिक दल, फर्जी अकाउंट की बाढ़
Fri, 10 May 2019 12:58 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 10 May 2019 12:58 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही जमीन पर चुनावी लड़ाई लड़ रहे राजनीतिक दलों ने सोशल मीडिया पर भी जंग को धार दे दी है। प्रदेश में अचानक फर्जी सोशल मीडिया अकाउंटों की बाढ़ आ गई है। इन फर्जी अकाउंटों के जरिये राजनीतिक दल एक-दूसरे के खिलाफ सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करने में जुट गए हैं।
विज्ञापन
हाल यह है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल लगभग हर दिन चुनाव आयोग में ऐसे खातों की शिकायत कर नकेल कसने की मांग कर रहे हैं। लेकिन आयोग जांच कराने के नाम पर शिकायतों को पुलिस के पास भेजने के अलावा कोई और कदम नहीं उठा पा रहा। नतीजतन सोशल मीडिया पर चुनावी वार और तेज होती जा रही है।
विज्ञापन
पिछले पंद्रह दिनों में प्रदेश भाजपा और कांग्रेस ने चुनाव आयोग को करीब आधा दर्जन से ज्यादा शिकायतें दी हैं, जिनमें सोशल मीडिया खासकर ट्विटर पर फर्जी अकाउंट के जरिये दूसरे के खिलाफ दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया गया है।
विज्ञापन
ऐसी शिकायतों को चुनाव आयोग पुलिस को भेज रहा है लेकिन पुलिस अभी तक एक भी केस में कुछ भी नहीं कर पा रही। कारण, सोशल मीडिया कंपनियां ट्विटर और फेसबुक ऐसी शिकायतों पर पुलिस को जवाब तक नहीं दे रही। उधर, चुनाव आयोग भी ऐसे ट्विटर हैंडल संचालन को लेकर किसी भी तरह की ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रहा।
प्रदेश भाजपा के आईटी प्रभारी चेतन बरागटा ने कहा कि पार्टी ने कई मामलों में शिकायत की है लेकिन अभी तक उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। कांग्रेस प्रवक्ता नरेश चौहान ने कहा कि आयोग को ऐसे फर्जी अकाउंटों पर सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए ताकि दुष्प्रचार की गलत परंपरा को बढ़ने से रोका जा सके।