{"_id":"6a2b9725e3eda0b307064ea5","slug":"kullu-youth-gulshan-kumar-gets-bail-in-9-gram-chitta-heroin-case-shimla-court-2026-06-12","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Himachal News: बस में 9.18 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा गया युवक जमानत पर रिहा, विशेष अदालत ने दी राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal News: बस में 9.18 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा गया युवक जमानत पर रिहा, विशेष अदालत ने दी राहत
Fri, 12 Jun 2026 10:50 AM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Fri, 12 Jun 2026 10:50 AM IST
सार
पंजाब रोडवेज बस में 9.18 ग्राम चिट्टा बरामद होने के मामले में गिरफ्तार कुल्लू निवासी गुलशन कुमार को शिमला की विशेष अदालत से जमानत मिल गई है। अदालत ने जांच पूरी होने और आगे कोई बरामदगी शेष न होने के आधार पर राहत प्रदान की। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
कोर्ट का आदेश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब रोडवेज की बस में चिट्टा (हेरोइन) की खेप के साथ पकड़े गए कुल्लू जिले के एक युवक को शिमला की विशेष अदालत से बड़ी राहत मिली है। विशेष न्यायाधीश-II यजुविंदर सिंह की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उसे रिहा करने के आदेश जारी किए हैं।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के अनुसार 21 मई को पुलिस ने नियमित जांच के दौरान पंजाब रोडवेज की एक बस को जांच के लिए रोका था। बस में सफर कर रहे एक युवक की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस ने बस चालक और परिचालक को गवाह बनाकर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान युवक के पैरों के नीचे रखे एक काले रंग के लिफाफे से 9.18 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद हुआ।
विज्ञापन
आरोपी की पहचान गुलशन कुमार निवासी गांव गगनी/गराड़ी, डाकघर अरसू, तहसील निरमंड, जिला कुल्लू के रूप में हुई। बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।
विज्ञापन
मामले में आरोपी की ओर से अदालत में जमानत याचिका दायर की गई। याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने केस रिकॉर्ड और जांच की स्थिति का अवलोकन किया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है तथा आरोपी से अब किसी प्रकार की अतिरिक्त बरामदगी या पूछताछ शेष नहीं है। ऐसे में उसे आगे हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं बनता।
विशेष अदालत ने यह भी माना कि जांच पूरी होने के बाद आरोपी की निरंतर न्यायिक हिरासत आवश्यक नहीं है। इसी आधार पर अदालत ने जमानत याचिका स्वीकार करते हुए आरोपी को नियमानुसार जमानत पर रिहा करने के आदेश जारी किए।
हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया है कि आरोपी को जमानत मिलने का अर्थ मामले से बरी होना नहीं है। एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामले की सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी तथा अंतिम फैसला साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर किया जाएगा।
हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया है कि आरोपी को जमानत मिलने का अर्थ मामले से बरी होना नहीं है। एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामले की सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी तथा अंतिम फैसला साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर किया जाएगा।