काकसर को कोकसर की लड़ाई पढ़ रहे हैं स्कूली विद्यार्थी, तीन साल से पढ़ाया जा रहा है विषय
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हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पिछले 3 साल से कारगिल सेक्टर में काकसर की लड़ाई को कोकसर पढ़ाया जा रहा है। कारगिल के वीर विजेता अध्याय में कारगिल के काकसर को प्रदेश में कोकसर सेक्टर के नाम से पढ़ाया जा रहा है। इस अध्याय में लिखा है। कैप्टन सौरभ कालिया: सर हमने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है।
आपके आदेश का इंतजार है। कमांडर : तुम अर्जुन राम, भंवर लाल, भीखा राम, मूला राम और नरेश को फौरन अपने साथ लो और कोकसर सेक्टर से दुश्मनों को खदेड़ दो। इसी वाक्य पर एक प्रश्न भी पूछा गया है। कैप्टन सौरभ कालिया को कमांडर ने क्या आदेश दिया था? बच्चे प्रश्न का जवाब पाठ्यक्रम में लिखे अनुसार कोकसर सेक्टर बता रहे हैं। सेना के बड़े अधिकारियों ने भी इस पर आपत्ति जताई है। कहा है कि कोकसर लाहौल-स्पीति जिले के एक गांव का नाम है।
यह घाटी का प्रवेश द्वार है, जबकि काकसर भी एक जगह का नाम है। यह लद्दाख के कारगिल सेक्टर में है। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के छठी कक्षा के पाठ्यक्रम में हिमाचल की लोक संस्कृति और योग के अध्याय 6 में कारगिल के वीर विजेता पाठ में कारगिल सेक्टर के काकसर की लड़ाई को कोकसर सेक्टर की लड़ाई बताया है। इसे तीन साल से प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाया जा रहा है।
बच्चों में इस चूक का क्या असर होगा, किसी ने भी उस ओर ध्यान देने की कोशिश नहीं की। रेजिमेंटर सेंटर लेह के कमांडर एसके शर्मा ने कहा कि काकसर कोई सेक्टर भी नहीं है। यह एक जगह का नाम है। काकसर कारगिल सेक्टर में पड़ता है। स्कूलों में पाठ्यक्रम में कारगिल सेक्टर के काकसर को कोकसर सेक्टर लिखना गलत है। उधर, प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. हरीश गज्जू ने पुस्तक जांचने के बाद माना कि पुस्तक में काकसर को कोकसर सेक्टर लिखा गया है।