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नूरपुर हादसा: घरों में सिसक रहे लोग, गलियों में पसरा है सन्नाटा

Thu, 12 Apr 2018 01:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नूरपुर
अमर उजाला ब्यूरो, नूरपुर Updated Thu, 12 Apr 2018 01:58 PM IST
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kangra nurpur bus accident story of childrens families

कालचक्र का एक ही झटका पूरे इलाके की खुशियां छीन ले गया है। नूरपुर बस हादसे के जख्म न सिर्फ जिगर के टुकड़े खोने वाले घरों के आंगन में उदासी दे गए हैं, बल्कि गांव के गली-कूचों को भी त्रासदी की टीस लगातार चुभ रही है।

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कल तक आबाद घरों में आज रुदन हो रहा है। बच्चों की रौनक से गुलजार गलियाें में सन्नाटा पसरा हुआ है। हादसे के दो दिन बीतने पर भी खुवाड़ा, ठेहड़, हार गतला, फंगोता सहित करीब आधा दर्जन गांवों सदमे से जरा भी उबर नहीं पाए हैं। 
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मरघट की सी खामोशी टूट भी रही है तो अपनों को खोने वालों के रुदन से। इन गांवों के हर कोने को मातम और उदासी ने जकड़ा लिया है। तेईस मासूम जिगर के टुकड़े खोने वाले शोक संतप्त परिवारों से न तो पीड़ा बर्दाश्त हो पा रही है और ना ही अभागे परिवारों का दर्द ही किसी से देखा जा रहा है।
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अभागे मां-बाप से लेकर अन्य परिजन अब भी यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि उनकी खुशियां की संसार लुट चुका है। हर कोई घर की चौखट को निहार रहा है। रुंधे हुए गले से एक दूसरे को दिलासा देना भी मुश्किल हो गया है। घर में बच्चों के बिस्तर, खिलौनों पर नजर पड़ते ही चीत्कार निकल आती है।

हिम्मत कर एक दूसरे का दर्द बांटने को कोई कोशिश कर भी रहा है तो उसके बाद फफक फफक कर रोने का सिलसिला शुरू हो जाता है। वे एक दूसरे से पूछ रहे हैं आखिर उनके साथ ऐसा क्यों हो गया। कोई बच्चों को स्कूल भेजने वाली घड़ी को कोस रहा है तो कोई नियति के खेल की क्रूरता को। इन परिवारों के साझे दर्द पर फिलहाल वक्त का मरहम भी बेअसर से मालूम पड़ता है।

बच्चों को दोबारा स्कूल भेजने से डर रहे

kangra nurpur bus accident story of childrens families

जिन मासूमों के संगी-साथी या भाई-बहन पीछे छूट गए हैं, अब स्कूल जाने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहे है तो वहीं शोक में डूबे परिवार व गांववाले भी बच्चों को दोबारा स्कूल भेजने से डर रहे हैं।

दो दिन से स्कूल बंद, प्रबंधन नहीं आ रहा सामने
बस हादसे के बाद से वजीर राम सिंह पठानिया मेमोरियल पब्लिक स्कूल गुरचाल के गेट पर ताला लटका हुआ है। स्कूल प्रबंधन की ओर से घटना के बाद से दो दिन से कोई भी सामने नहीं आ रहा है। इस बात को लेकर शोक संतप्त परिवारों के अलावा गांववासियों में भी रोष है।  

अस्थि विसर्जन को हरिद्वार रवाना हुए परिजन 
स्कूल बस हादसे में अकाल मृत्यु का ग्रास बने ठेहड़ पंचायत के खुवाड़ा गांव के 12 मासूम बच्चों के परिजन बुधवार देर शाम अपने जिगर के टुकड़ों की अस्थियां लेकर विसर्जन के लिए हरिद्वार रवाना हुए।

प्रशासन की ओर से परिजनों के लिए बिशेष तौर पर सेमी डिलक्स बस की व्यवस्था की गई थी। बुधवार रात को इन परिवारों के करीब 35 लोग बच्चों की अस्थियां के साथ विसर्जन के लिए रवाना हुए। नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया भी हादसे के शिकर बच्चों के घर ढांढस बंधाने पहुंचे।

एडीएम आज से करेंगे नूरपुर बस हादसे की जांच
नूरपुर बस हादसे की न्यायिक जांच वीरवार से एडीएम करेंगे। यह बात डीसी संदीप कुमार ने कही। उन्होंने कहा कि एडीएम वीरवार को घटनास्थल का दौरा करेंगे। इस दौरान संबधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। जांच अधिकारी हादसे के कारणों के हरेक पहलू को बारीकी से जांचेंगे।

बस हादसे में घायल जिन 4 बच्चों का नूरपुर सिविल अस्पताल और 7 बच्चों का पठानकोट के अमनदीप अस्पताल में इलाज चल रहा हैं, उनकी हालत स्थिर बताई जा रही हैं। हालांकि, मंगलवार को उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी, लेकिन अब वे ठीक हैं। हर कोई अस्पताल में भर्ती बच्चों के जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना कर रहा है।

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