{"_id":"5b92685a867a557eb3413cd9","slug":"investigation-started-for-financial-irregularities-in-chamba-medical-college","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंबा मेडिकल कॉलेज में वित्तीय अनियमितताओं की जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंबा मेडिकल कॉलेज में वित्तीय अनियमितताओं की जांच शुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 08 Sep 2018 11:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश सरकार ने चंबा मेडिकल कॉलेज में हुई वित्तीय अनियमितताओं की जांच शुरू कर दी है। इसके लिए पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। यह टीम शुक्रवार को चंबा भेज दी गई है। सरकार ने चंबा मेडिकल कॉलेज में हुए खरीद-फरोख्त मामले में ऑडिट कमेटी को भेजा था।
विज्ञापन
इस कमेटी ने पाया कि खरीद-फरोख्त में वित्तीय अनियमितताएं बरती गई हैं। कमेटी की रिपोर्ट के बाद सरकार ने मेडिकल कॉलेज चंबा के प्रधानाचार्य डा. अनिल ओहरी को सस्पेंड किया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) की अगुवाई में इस मेडिकल कॉलेज में हुई वित्तीय अनियमितताओं की जांच हो रही है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक यह कॉलेज पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में खुला था। वर्ष 2017 में यहां 100 एमबीबीएस प्रशिक्षुओं का पहला बैच बैठा था। इस साल यहां एमबीबीएस का दूसरा बैच बैठा है।
विज्ञापन
जून, 2018 में हुआ था कॉलेज का ऑडिट
सरकार ने जून 2018 में इस मेडिकल कॉलेज का ऑडिट करवाया था। टीम ने जांच का रिकॉर्ड सील कर अलमारी में बंद कर दिया। अब फैक्ट फाइडिंग कमेटी इसकी जांच करेगी।
वित्तीय अनियमितताओं के चलते चंबा मेडिकल कॉलेज के लिए फैक्ट फाइडिंग कमेटी गठित की है। इस टीम को चंबा भेजा है। प्रधानाचार्य को हटा दिया गया है। उनका शिमला हेडक्वार्टर फिक्स किया है। मेडिकल कॉलेज में दूसरे प्रधानाचार्य की तैनाती की गई है। - विपिन परमार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री