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वक्फ बोर्ड की संपत्ति पर चेयरमैन का भी कब्जा
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 24 Nov 2015 08:31 PM IST
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हिमाचल सरकार की ओर से वक्फ बोर्ड की भूमि और अन्य संपत्तियों पर कब्जा करने के मामले में सौंपी गई स्टेटस रिपोर्ट का हाई कोर्ट ने अवलोकन किया है। इसमें पाया कि वक्फ बोर्ड के चेयरमैन के नाम भी एक अवैध कब्जे का मामला है। यही नहीं, जिस व्यक्ति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है उसने भी बोर्ड की संपत्ति पर कब्जा किया गया है।
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वर्ष 2007 से चल रहे इस मामले में न्यायाधीश धर्मचंद चौधरी और न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर की खंडपीठ ने प्रार्थी इमरान खान को याचिका से हटने की इजाजत देते हुए मामले पर स्वत: संज्ञान लिया। इसमें कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव भूषण को एमीक्स क्यूरी नियुक्त किया।
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उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक वक्फ बोर्ड की 400 से अधिक संपत्तियों पर अवैध कब्जों के मामले सामने आए हैं। करीब 150 से अधिक कब्जे कब्रिस्तानों में पाए गए। अस्पताल, मंदिर, दुकानें, रिहायशी मकान बनाकर वक्फ बोर्ड की भूमि कब्जाई गई है।
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नगर निगम शिमला ने कब्रिस्तान से सड़क निकाली और शिक्षा विभाग ने स्कूल और मैदान कब्रिस्तान पर बना दिया। वक्फ बोर्ड यह बताने में असफल रहा है कि उसके पास प्रदेश में कितनी भूमि है और कितनी भूमि पर अवैध कब्जे किए गए हैं। बोर्ड के अनुसार सभी कब्जाधारियों के बयान दर्ज किए गए हैं। मामले की सुनवाई दो दिसंबर को होगी।