{"_id":"5cf7afd3bdec22073e118a6f","slug":"hpbosse-dharamshala-errors-in-plus-two-mathematics-question-paper","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा बोर्ड ने बारहवीं की परीक्षा में पूछ लिए हल नहीं होने वाले सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा बोर्ड ने बारहवीं की परीक्षा में पूछ लिए हल नहीं होने वाले सवाल
Thu, 06 Jun 2019 11:38 AM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 06 Jun 2019 11:38 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से ली जा रही दसवीं कक्षा की प्रतिपूरक परीक्षा के प्रश्नपत्र को उल्टा छापने के बाद अब बारहवीं कक्षा की प्रतिपूरक और श्रेणी सुधार की परीक्षा में एक और लापरवाही सामने आई है। बारहवीं कक्षा के बी-सीरीज के गणित के प्रश्नपत्र में दो ऐसे प्रश्नों को शामिल किया गया है, जिन्हें हल नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
किसी भी फार्मूले से यह दोनों प्रश्न हल नहीं होते। प्रश्न नंबर 15 और 25 दोनों क्रमश: 4 और 6 अंकों के प्रश्न हैं। इस कारण मंगलवार को सुबह के सत्र में परीक्षा केंद्र में बैठे परीक्षार्थी इन प्रश्नों को हल नहीं कर सके।
विज्ञापन
स्कूल शिक्षा बोर्ड आए दिन गलतियां कर रहा है। इसका जिसका खामियाजा बच्चों और अभिभावकों को भुगतना पड़ रह है। इससे पहले दसवीं के गणित के प्रश्नपत्र को स्कूल शिक्षा बोर्ड ने उल्टा छाप दिया था। उल्टे छपे प्रश्नों को परीक्षार्थी हल नहीं कर पाए।
विज्ञापन
अब दस जमा दो के गणित परीक्षा के प्रश्नपत्र में दो गलत प्रश्नों को प्रकाशित कर दिया। जिन्हें हल नहीं किया जा सकता था। परीक्षार्थियों ने कृपांक देने की भी मांग उठाई है। उधर, स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने कहा है कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अगर संभव हुआ तो कृपांक दिए जाएंगे।
बार-बार गलतियों पर नहीं सुधर रही बोर्ड की कार्यप्रणाली
इससे पहले हमीरपुर जिले के दो सरकारी स्कूलों रावमापा पौहंज और दरबयार की पूरी कक्षा को परीक्षा में फेल कर दिया गया था। यह मामला अमर उजाला ने उठाया था। मामले की जांच के बाद दोनों स्कूलों की पूरी कक्षा को पास कर दिया गया था।
इसके बाद प्रदेश सरकार ने संबंधित अधिकारियों के तबादले किए थे। बार-बार इस तरह के मामले सामने आने से स्कूल शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।