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हिमाचल: निजी स्कूलों को राहत, पंजीकरण के लिए अब स्व-प्रमाणन मान्य, स्कूल शिक्षा निदेशक ने जारी किए आदेश

Tue, 23 Jun 2026 05:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Tue, 23 Jun 2026 05:00 AM IST
सार

अब निजी स्कूलों के पंजीकरण और मान्यता संबंधी कई औपचारिकताओं के लिए भारी-भरकम दस्तावेजों के बजाय स्व-प्रमाणन, घोषणा पत्र और अंडरटेकिंग स्वीकार किए जाएंगे। इस संबंध में निदेशक स्कूल शिक्षा ने विस्तृत आदेश जारी किए हैं।

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Himachal: Relief for private schools; self-certification now valid for registration.
निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में निजी स्कूल संचालकों को बड़ी राहत देते हुए शिक्षा निदेशालय ने पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बना दिया है। अब निजी स्कूलों के पंजीकरण और मान्यता संबंधी कई औपचारिकताओं के लिए भारी-भरकम दस्तावेजों के बजाय स्व-प्रमाणन, घोषणा पत्र और अंडरटेकिंग स्वीकार किए जाएंगे। इस संबंध में निदेशक स्कूल शिक्षा ने विस्तृत आदेश जारी किए हैं। यह निर्णय केंद्र और राज्य सरकार की कारोबार सुगमता नीति के अनुरूप लिया गया है। नई व्यवस्था के तहत निजी शिक्षण संस्थानों को अनावश्यक कागजी कार्रवाई से राहत मिलेगी। नए स्कूलों की स्थापना तथा उन्नयन की प्रक्रिया तेज होगी। ऐसे मामलों में जहां नियमों में किसी विशेष दस्तावेज को अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने का स्पष्ट प्रावधान नहीं है, वहां आवेदक स्व-प्रमाणन या घोषणा पत्र देकर आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, यदि कोई संस्था गलत जानकारी देती है या तथ्य छिपाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में पंजीकरण रद्द भी किया जा सकता है।

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पहली से आठवीं तक के स्कूलों के लिए यह हैं नियम

कक्षा पहली से आठवीं तक संचालित होने वाले निजी स्कूलों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों का पालन करने की घोषणा देनी होगी। इसमें शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता, छात्रों से कैपिटेशन फीस न लेने और स्क्रीनिंग प्रक्रिया न अपनाने जैसे प्रावधान शामिल हैं। स्कूलों को यह भी प्रमाणित करना होगा कि उनके पास पर्याप्त कक्षाएं, पुस्तकालय, खेल मैदान और सुरक्षित पेयजल जैसी आधारभूत सुविधाएं हैं। दिव्यांग अनुकूल पहुंच और अलग-अलग शौचालय भी सुनिश्चित करने होंगे। छात्र संख्या के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति के मानकों का पालन भी अनिवार्य होगा।

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नौवीं से बारहवीं तक के स्कूलों के लिए प्रावधान

हिमाचल प्रदेश निजी शैक्षणिक संस्थान (विनियमन) अधिनियम 1997 के तहत नौवीं से बारहवीं कक्षा तक के स्कूलों को भी स्व-प्रमाणन की सुविधा मिलेगी। इसमें सोसायटी के सदस्यों का विवरण, भवन, कक्षाओं की उपलब्धता, पेयजल, बिजली व्यवस्था और शौचालयों की स्थिति शामिल है। शिक्षकों की योग्यता, आय के स्रोत, प्रयोगशालाएं और पुस्तकालय जैसी सुविधाओं से संबंधित जानकारी भी स्व-प्रमाणित की जा सकेगी। वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों को विभिन्न संकायों के लिए पर्याप्त कक्षाएं और विज्ञान वर्ग के लिए प्रयोगशालाएं उपलब्ध करानी होंगी। स्कूल प्रबंधन को भविष्य में अनुदान की मांग न करने और छात्रों की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का पालन करने का वचन पत्र भी देना होगा।

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तंबाकू, नशे पर सख्ती और शिक्षा क्षेत्र में निवेश

नए निर्देशों में स्कूलों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू, गुटखा, सिगरेट और शराब की दुकानों के न होने का प्रमाण भी स्व-घोषणा के माध्यम से देना होगा। स्कूल प्रबंधन को परिसर में शराब, तंबाकू और नशीले पदार्थों के उपयोग के खिलाफ शून्य सहिष्णुता नीति लागू करने का वचन देना होगा।

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