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Himachal News: अब नदियों के इतिहास की बुनियाद पर बनेंगे भविष्य के पुल, 70 वर्षों के बाद आंकड़ों का होगा अध्ययन
Wed, 15 Jul 2026 09:31 AM IST
Ankesh Dogra
धर्मेंद्र पंडित, शिमला।
धर्मेंद्र पंडित, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Wed, 15 Jul 2026 09:31 AM IST
सार
Himachal Pradesh New Bridge Design Policy: हिमाचल प्रदेश में अब नए पुलों का डिजाइन 70 वर्षों के बाढ़ आंकड़ों और जलवायु परिवर्तन के अध्ययन के आधार पर तैयार किया जाएगा। सरकार अगले 100 वर्षों की संभावित प्राकृतिक चुनौतियों को ध्यान में रखकर वैज्ञानिक और आधुनिक तकनीक से पुल बनाएगी। प्रदेश में 23 नए पुलों का निर्माण प्रस्तावित है, जिनके लिए केंद्र सरकार से लगभग 200 करोड़ रुपये की सहायता मिलेगी।
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हिमाचल में पुल निर्माण के नए नियम।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में अब नदियों का इतिहास जानकर ही पुलों का डिजाइन तैयार होगा। राज्य में बनने वाले नए पुलों का डिजाइन आगामी 100 वर्षों की संभावित जरूरतों और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। इसके लिए पिछले करीब 70 वर्षों के बाढ़ के आंकड़ों का अध्ययन किया जाएगा, जिससे पुलों की नींव और संरचना भविष्य में आने वाली बड़ी आपदाओं का सामना कर सके। पहले हिमाचल में पुलों के डिजाइन अगले 60 साल तक ध्यान में रखते हुए तैयार किए जाते रहे हैं।
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लोक निर्माण विभाग ने नए पुलों के निर्माण के लिए विस्तृत तकनीकी मानकों पर काम शुरू कर दिया है। किसी भी पुल का डिजाइन तैयार करने से पहले संबंधित क्षेत्र की भू-तकनीकी जांच, नदी के बहाव क्षेत्र, उच्चतम बाढ़ स्तर (हाई फ्लड लेवल), मिट्टी की क्षमता और अन्य तकनीकी पहलुओं का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। इन सभी रिपोर्टों के आधार पर ही पुल की नींव और ऊंचाई तय की जाएगी। हाल के वर्षों में प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदाओं ने पुलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
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कई स्थानों पर तेज बहाव और बाढ़ के कारण पुल बह गए या उनकी नींव कमजोर हो गई। इन्हीं अनुभवों को देखते हुए सरकार ने भविष्य में बनने वाले पुलों के लिए अधिक मजबूत और वैज्ञानिक डिजाइन अपनाने का निर्णय लिया है। अब केवल पुल बनाना ही उद्देश्य नहीं होगा, बल्कि उन्हें भविष्य की चरम प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप तैयार करना प्राथमिकता रहेगी।
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ऐसे में पुराने मानकों के बजाय आधुनिक इंजीनियरिंग और वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर पुलों का निर्माण किया जाएगा। इस व्यवस्था से पुलों की आयु बढ़ेगी, रखरखाव पर होने वाला खर्च कम होगा और आपदा के समय यातायात बाधित होने की घटनाओं में भी कमी आएगी। इस नीति को प्रदेश में आपदारोधी आधारभूत ढांचे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
23 नए पुल बनेंगे
हिमाचल प्रदेश में 23 नए पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। डीपीआर के बाद अब इनकी टेक्निकल वेरिफेकेशन की जा रही है। इन परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से करीब 200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी है। नई तकनीक और वैज्ञानिक मानकों के अनुसार बनने वाले पुल लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगे और आपदाओं के दौरान भी उनकी संरचना को भी कम नुकसान पहुंचेगा।
हिमाचल प्रदेश में 23 नए पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। डीपीआर के बाद अब इनकी टेक्निकल वेरिफेकेशन की जा रही है। इन परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से करीब 200 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी है। नई तकनीक और वैज्ञानिक मानकों के अनुसार बनने वाले पुल लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगे और आपदाओं के दौरान भी उनकी संरचना को भी कम नुकसान पहुंचेगा।