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हिमाचल प्रदेश: महंगाई की आग में झुलसी रसोई; आटा, तेल, दूध के दामों में उछाल, 65 रुपये तक महंगा हुआ घी

Sun, 24 May 2026 09:32 AM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Sun, 24 May 2026 09:32 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश में सरसों तेल का दाम 175 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 190 रुपये पहुंच गया है। चावल की कीमतें फरवरी में 65 से 70 रुपये प्रतिकिलो थीं, जो अब 70 से 75 रुपये प्रतिकिलो पहुंच गई हैं। महंगाई लगातार इतनी बढ़ रही है कि आम आदमी को गुजारा करना भी मुश्किल हो रहा है। जानें इसकी वजह...

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Himachal Inflation Prices of Flour Oil and Milk Ghee More Expensive
महंगाई की मार। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल में तीन माह के भीतर रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के दामों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाजार में आई इस तेजी को पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव के तौर पर देखा जा रहा है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर यह असर मुख्य रूप से फरवरी से शुरू हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने का पहला असर मालभाड़े (परिवहन लागत) में बढ़ोतरी के रूप में सामने आया। आपूर्ति बाधित होने के बाद से ही जमीनी स्तर पर रोजमर्रा की चीजों के रेट तेजी से चढ़ने लगे हैं।

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फरवरी और मई के बीच कीमतों में आया बड़ा अंतर 
फरवरी 2026 और मई 2026 के बीच खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बड़ा अंतर आया है। सरसों तेल का दाम 175 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 190 रुपये पहुंच गया है। यानी इसमें 15 रुपये प्रति लीटर की तेजी आई है। वहीं, रिफाइंड तेल फरवरी में 165 रुपये प्रति लीटर था, जो अब 5 रुपये बढ़कर 170 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।
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इस संकट के बीच खाद्य तेल कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं के साथ खेल करने का मामला भी सामने आया है, जहां अधिकतर कंपनियों ने एक लीटर के पैकेट का वजन घटाकर 700 से 750 ग्राम कर दिया है। चावल की कीमतें फरवरी में 65 से 70 रुपये प्रतिकिलो थीं, जो अब 70 से 75 रुपये प्रतिकिलो पहुंच गई हैं। बाजार में आटे की कीमतों में आंशिक बढ़ोतरी देखी गई है।

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फरवरी में जो आटा 35 से 38 रुपये प्रति किलो था, वह अब 38 से 40 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। इसके साथ ही मसालों के दाम भी पिछले तीन महीने में तेज हुए हैं। गरम मसाला फरवरी में 105 से 110 रुपये प्रति 100 ग्राम था, जो अब 110 से 115 रुपये प्रति 100 ग्राम पहुंच गया है। देगी मिर्च के दाम भी 100 से 105 रुपये के मुकाबले बढ़कर अब 120 से 125 रुपये प्रति 100 ग्राम हो गए हैं।

65 रुपये तक महंगा हो गया घी
डेयरी और बेकरी उत्पादों पर भी इस संकट का सीधा असर पड़ा है। बीते तीन महीनों के भीतर हिम घी के दामों में करीब 65 रुपये की भारी बढ़ोतरी हुई है। फरवरी में 660 रुपये प्रति किलो बिकने वाला हिम घी मई में 725 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। इसके अलावा वेरका दूध का दाम 66 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 68 रुपये प्रति किलो (2 रुपये की बढ़ोतरी) और ब्राउन ब्रेड का रेट 5 रुपये बढ़कर 55 रुपये से 60 रुपये हो गया है।

अंतरराष्ट्रीय संकट और मालभाड़ा बढ़ने से सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि हमारा प्रयास है कि स्थानीय स्तर पर जमाखोरी न हो और आम जनता को सही दामों पर जरूरी सामान मिलता रहे।- सोमेश शर्मा, अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश व्यापार मंडल
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