दो जिलों में डेंगू के 115 से ज्यादा मामले, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट
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हिमाचल के दो जिलों में डेंगू ने पांव पसार लिए हैं। अब तक 115 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। जिला बिलासपुर में डेंगू से पीड़ित लोगों का आंकड़ा 90 पहुंच गया है। यहां प्रशासन के भरसक प्रयासों के बावजूद रोजाना दो-तीन नए मामले आ रहे हैं। सोलन के परवाणू में भी 25 मामले आए हैं।
बरसात में नालियों और गड्ढों में पानी इकट्ठा होने से डेंगू फैल रहा है। बिलासपुर के डियारा सेक्टर में सबसे ज्यादा 62 लोग चपेट में आए हैं। जिले में पहला मामला 28 मई को आया था। एमओएच डॉ. परविंद्र ने बताया कि जिला अस्पताल में अभी भी सात लोग उपचाराधीन हैं।
कई को दवाइयां देकर घर भेजा जा रहा है। सोलन का परवाणू डेंगू के हिसाब से प्रदेश में सबसे संवेदनशील है। यहां हर साल सबसे ज्यादा मामले आते हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी एनके गुप्ता ने बताया कि परवाणू के लिए फॉगिंग मशीन दे दी है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है। यहां बरसात में डेंगू का खतरा बढ़ जाता है।
विभाग ने जारी किया अलर्ट
बरसात में डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने दोनों जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है। लोगों को जागरूक करने और डेंगू पर काबू पाने के लिए नौ टीमों का गठन किया है। डेंगू मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है।
सामान्य बुखार की तुलना में डेंगू से होने वाला बुखार काफी दर्द देता है। डेंगू होने पर सिरदर्द, जोड़ों में दर्द, तेज ठंड लगकर बुखार के साथ चिड़चिड़ापन होने लगता है। भूख कम लगती है। डेंगू बुखार से रोगी की त्वचा ठंडी पड़ जाती है।
उल्टी और दस्त होते हैं। शरीर पर लाल-गुलाबी चकते पड़ जाते हैं। डेंगू के लक्षण 3 से 14 दिन बाद दिखते हैं। डेंगू से बचाव के लिए पानी जमा न होने दें। मच्छरदानी लगाएं और पूरी बाजू के कपड़े पहनें।