खजाना खाली, दस दिन में 700 करोड़ और कर्ज लेगी सरकार
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हिमाचल सरकार 10 दिन के भीतर फिर 700 करोड़ रुपये का कर्ज लेने जा रही है। शुक्रवार को वित्त विभाग ने कर्ज लेने की अधिसूचना जारी कर दी है। इससे पहले 14 मार्च को सरकार ने 700 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। सरकार के सामने कर्मचारियों, पेंशनरों और बेरोजगारों को वित्तीय अदायगी करने को संकट हो गया है।
बजट में मुख्यमंत्री ने बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा की है। इससे पूर्व जनवरी महीने में सरकार ने एक हजार करोड़ का कर्ज लिया था। सरकार ने तीन माह 2400 करोड़ का कर्ज ले लिया है। वित्तीय वर्ष 2016-17 के अंतिम दिनों में भी सरकार कर्ज ले रही है। बताया जा रहा है कि सरकार यह कर्ज प्रदेश के विकास कार्यों के लिए ले रही है। इसके लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से आवेदन किया जा रहा है।
रिजर्व बैंक से 10 साल के लिए कर्ज लेगी सरकार
27 मार्च को कर्ज लेने के लिए निविदाएं खोली जाएंगी। रिजर्व बैंक से 10 साल की अवधि के लिए यह कर्ज लिया जाएगा। हिमाचल सरकार 29 मार्च 2027 तक कर्ज वापस करेगी। नौ मार्च को लिए गए कर्ज को सरकार ने प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों को दो फीसदी महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने के लिए लिया था।
कर्मचारियों को डीए देने पर सालाना 100 करोड़ का वित्तीय बोझ पड़ रहा है, जबकि पेंशनरों को डीए देने से सालाना 50 करोड़ का वित्तीय भार पड़ेगा। मौजूदा समय में सरकार पर कर्ज का बोझ 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है। प्रदेश सरकार के कई निगम-बोर्ड घाटे में भी चल रहे हैं, जिनका घाटा पाटने के लिए भी सरकार वित्तीय वर्ष के अंत में कर्ज ले रही है।