पच्छाद उपचुनाव: बागियों को मनाने से भाजपा में खुशी, कठिन हो सकती है कांग्रेस की डगर
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पच्छाद विधानसभा उपचुनाव में बागियों के बैठने के बाद भाजपा और कांग्रेस में सीधी टक्कर के आसार बन गए हैं। ऐसे में जहां भाजपा खेमे में खुशी का माहौल है, वहीं कांग्रेस की राह अब कठिन बन गई है।
सूत्रों का कहना है कि आशीष सिकटा को कोई पद दिया जाएगा और उनके साथ जुड़े युवा समर्थकों के साथ भी बातचीत कर उन्हें मनाया जाएगा। उनकी सराहां में वीरवार को होने वाली रैली भी अब शायद नहीं होगी।
दयाल प्यारी के साथ भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की बातचीत शिमला में हुई और उन्हें भी मना लिया गया है। अब दोनों बागी भाजपा उम्मीदवार संभवतया अपने नाम वापस ले लेंगे और भाजपा की रीना कश्यप व कांग्रेस के गंगूराम मुसाफिर के बीच ही मुकाबला होगा।
हालांकि दो अन्य निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में होंगे, लेकिन उनका आधार बागी उम्मीदवारों की तुलना में काफी कम है। बागी उम्मीदवारों के बैठ जाने के बाद भाजपा उम्मीदवार की राह आसान हो जाएगी। बशर्ते इन उम्मीदवारों के समर्थकों का समर्थन भी भाजपा प्रत्याशी को मिल जाए।
भाजपा मंडल के अध्यक्ष प्रताप ठाकुर से संपर्क करने पर कहा कि यह भाजपा परिवार का आपसी मामला है, इसे सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंडल के नेता व भाजपा के उच्च नेता इन प्रत्याशियों के संपर्क में हैं और यह दोनों अपने नाम वापस ले लेंगे।
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भाजपा के प्रदेश महामंत्री चंद्रमोहन ठाकुर ने कहा है कि पच्छाद में भाजपा एकजुट होकर कांग्रेस को परास्त करेगी। जो रूठे हैं, उन्हें मना लिया गया है। गुरुवार को वे नामांकन वापस ले लेंगे। दोनों को मनाने में पच्छाद के मूल निवासी भाजपा महामंत्री चंद्रमोहन ठाकुर की भी अहम भूमिका मानी जा रही है।
दयाल प्यारी को इस बात की नाराजगी है कि सरकार के एक बोर्ड के अध्यक्ष और स्थानीय नेता उनका लगातार अपमान कर रहे हैं। वह इस बारे में हुई सरकारी कार्रवाई से भी असंतुष्ट हैं। दयाल प्यारी ने वीरवार को बताया कि वह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती इन दोनों ही नेताओं से वह शिमला आकर मिली हैं।
उन्होंने साफ कहा है कि उनके साथ वैसी बातें न हों, जैसे पहले हुई हैं। उनसे साथ मिलकर चलने को कहा गया है। दयाल प्यारी बोलीं कि चुनाव लड़ने का फैसला उनका अपना नहीं है, यह उनके हजारों समर्थकों का निर्णय है। वह अपने क्षेत्र में लौट गई हैं और वीरवार को ही इस बात को स्पष्ट कर पाएंगी कि उन्हें नामांकन वापसी करनी है कि नहीं।