रोहतांग दर्रा बहाल, छह दिन बाद बर्फ की कैद में छटपटा रहे लोगों ने ली राहत की सांस
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आखिरकार छह दिन बाद बीआरओ ने 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रे को बहाल कर दिया है। बर्फ की कैद में छटपटा रहे लाहौल-स्पीति जिले के लोगों और पर्यटकों ने राहत की सांस ली है।
वीरवार सुबह रेस्क्यू दल की टीम ने कोकसर सहित लाहौल के विभिन्न हिस्सों में फंसे लोगों को सुरक्षित मनाली की ओर निकाला। फिलहाल, कोकसर-रोहतांग-मनाली मार्ग वन-वे किया गया है।
रोहतांग दर्रा पार कर वीरवार को करीब 100 से ज्यादा छोटी-बड़ी गाड़ियां रोहतांग दर्रा पार कर कुल्लू-मनाली पहुंची। लाहौल में फंसे लोगों ने मनाली पहुंच राहत ली।
हालांकि, अभी तक सड़क पर कहीं-कहीं बर्फ जमी हुई है। इस कारण फिसलन का खतरा बना हुआ है। शुक्रवार को वाहनों को मनाली की तरफ से भेजा जाएगा।
रोहतांग दर्रे में वन-वे किया ट्रैफिक
इससे पहले सीमा सड़क संगठन के जवान माइनस तापमान और तेज हवाओं के बीच बुधवार शाम तक रोहतांग दर्रे को बहाल करने में जुटे रहे। उपायुक्त लाहौल-स्पीति देवा सिंह नेगी, एसडीएम केलांग कुलवीर सिंह राणा और पुलिस अधीक्षक लाहौल-स्पीति गौरव सिंह रोहतांग मार्ग की रैकी करते हुए लाहौल पहुंचे।
वहीं, बीआरओ के दो वाहन भी लाहौल से मनाली की ओर निकले। हालांकि, प्रशासन ने किसी प्रकार का जोखिम न उठाते हुए बुधवार शाम को रोहतांग की तरफ किसी भी वाहन को जाने नहीं दिया।
उपायुक्त देवा सिंह नेगी ने कहा कि तमाम हालातों को ध्यान में रखते वीरवार सुबह लाहौल में फंसे वाहनों को मनाली की ओर छोड़ा गया। एसडीएम केलांग कुलवीर सिंह राणा ने कहा कि छह दिन से लाहौल में फंसे लोगों को वाहनों में रेस्क्यू टीम की निगरानी में मनाली की ओर छोड़ा गया है।
ग्रांफू में फंसे एक दर्जन वाहन
कोकसर बचाव चौकी के प्रभारी पवन कुमार ने कहा कि रोहतांग लांघने से पहले लोग अपना पंजीकरण करवाएं, ताकि विपरीत परिस्थितियों में बचाव दल उनकी मदद कर सके।
लाहौल घाटी के ग्रांफू के समीप एक टैंकर के सड़क में स्किड होने के कारण करीब एक दर्जन छोटे वाहन फंस गए हैं। इनमें करीब 50 लोग सवार हैं।
यात्री राजेंद्र, अभिषेक, संजय, दोरजे ने बताया कि वे दोपहर दो बजे से ग्रांफू में फंसे हैं। सड़क पर बर्फ होने के कारण टैंकर स्किड हो रहा है। बीआरओ की टीम टैंकर को निकालने की कोशिश कर रही है।
विशेष परिस्थितियों में ही लांघें रोहतांग
सीमा सड़क संगठन के कर्नल एके अवस्थी ने मनाली में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि लोग विशेष परिस्थितियों में ही रोहतांग दर्रा आर-पार करें।
वीरवार को लाहौल घाटी से और शुक्रवार को मनाली की ओर से रोहतांग को पार करने की अनुमति दी गई है। यह सुविधा पर्यटकों के लिए नहीं होगी।
रोहतांग मार्ग को केवल कोकसर में फंसे लोगों और सर्दियों के लिए मनाली से लाहौल की ओर राशन, दवाइयां तथा अन्य जरूरी सामान लेकर जाने वालों के लिए ही खोला गया है।