{"_id":"59f4690a4f1c1b7a548b98dc","slug":"himachal-assembly-election-use-of-loudspeaker-prohibited-near-school-and-hospital","type":"story","status":"publish","title_hn":"इन स्थानों पर नहीं बजा सकेंगे लाउड स्पीकर, चुनाव आयोग ने जारी किए निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इन स्थानों पर नहीं बजा सकेंगे लाउड स्पीकर, चुनाव आयोग ने जारी किए निर्देश
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 28 Oct 2017 05:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चुनाव प्रचार के दौरान लाउड स्पीकरों के बहुतायत में होने वाले इस्तेमाल को लेकर चुनाव आयोग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और वृद्धाश्रमों के नजदीक लाउड स्पीकर से चुनाव प्रचार नहीं किया जा सकेगा।
रात दस से सुबह छह बजे के बीच लाउड स्पीकर लगाकर प्रचार करने की भी अनुमति नहीं होगी। आयोग ने ध्वनि प्रदूषण और तड़के और देर रात तक लाउड स्पीकर से प्रचार की वजह से बच्चों की पढ़ाई के नुकसान को देखते हुए निर्देश जारी किए हैं।
राजनीतिक दलों और चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के लिए लाउड स्पीकर के इस्तेमाल को लेकर आयोग ने सख्त निर्देश दिए हैं। निर्र्देशों के अनुसार वृद्ध आश्रम, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान के आसपास लाउड स्पीकर से प्रचार नहीं किया जा सकेगा।
विज्ञापन
आयोग का मानना है लाउड स्पीकर की वजह से न सिर्फ ध्वनि प्रदूषण होता है बल्कि वृद्धों और अस्पताल में भर्ती मरीजों को परेशानी होती है। स्कूली बच्चों को सुबह और देर रात पढ़ाई करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इसे देखते हुए आयोग ने इस बार लाउड स्पीकर के इस्तेमाल को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। मतदान से 48 घंटे पहले तक भी किसी भी जगह लाउड स्पीकर से प्रचार पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
विज्ञापन
रात दस से सुबह छह बजे के बीच लाउड स्पीकर लगाकर प्रचार करने की भी अनुमति नहीं होगी। आयोग ने ध्वनि प्रदूषण और तड़के और देर रात तक लाउड स्पीकर से प्रचार की वजह से बच्चों की पढ़ाई के नुकसान को देखते हुए निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन
राजनीतिक दलों और चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के लिए लाउड स्पीकर के इस्तेमाल को लेकर आयोग ने सख्त निर्देश दिए हैं। निर्र्देशों के अनुसार वृद्ध आश्रम, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान के आसपास लाउड स्पीकर से प्रचार नहीं किया जा सकेगा।
विज्ञापन
आयोग का मानना है लाउड स्पीकर की वजह से न सिर्फ ध्वनि प्रदूषण होता है बल्कि वृद्धों और अस्पताल में भर्ती मरीजों को परेशानी होती है। स्कूली बच्चों को सुबह और देर रात पढ़ाई करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इसे देखते हुए आयोग ने इस बार लाउड स्पीकर के इस्तेमाल को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। मतदान से 48 घंटे पहले तक भी किसी भी जगह लाउड स्पीकर से प्रचार पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।