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अब बंद कमरों से बाहर आ गई भाजपा की बगावत, नहीं थम रहे बागी सुर

Sun, 22 Oct 2017 01:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 22 Oct 2017 01:45 PM IST
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himachal assembly election 2017 rebellion in bjp

टिकट आवंटन के बाद से भाजपा की बगावत बंद कमरों से बाहर आना शुरू हो गई है। भाजपा ने बेशक डैमेज कंट्रोल की कोशिशें शुरू कर दी हैं लेकिन बागियों के सुर थम नहीं रहे हैं। ज्वाली, दून और बिलासपुर सीटों पर पार्टी को असंतुष्टों को मनाने में कामयाबी मिल गई है।

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इन तीन सीटों पर घिरे संकट के बादल छंटने के बाद अब शिमला, सोलन, जुब्बल कोटखाई, कसुम्पटी, सुंदरनगर और रेणुका में पार्टी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसके अलावा फतेहपुर, नूरपुर, कांगड़ा, झंडूता, भरमौर और बंजार में बागी अभी भी पार्टी के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। इन सीटों पर पार्टी के घोषित प्रत्याशियों के खिलाफ समर्थकों में असंतोष बढ़ गया है।
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सत्ती ने पार्टी में ओहदे देकर करवाए शांत
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने ज्वाली में टिकट आवंटन से नाराज हुए संजय गुलेरिया को विधानसभा चुनाव 2017 के दृष्टिगत जिला नूरपुर का चुनाव संयोजक नियुक्त कर दिया है। संजय गुलेरिया विधानसभा चुनाव के दौरान संगठनात्मक जिला नूरपुर के चारों विधानसभा क्षेत्रों के प्रचार प्रसार व समन्वय का कार्यभार देखेंगे।
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जिला सोलन के दून में दर्शन सिंह सैणी को पार्टी ने प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य नियुक्त कर दिया है। 2012 में निर्दलीय चुनाव लड़ चुके दर्शन सिंह सैणी अब पार्टी प्रत्याशी परमजीत सिंह पम्मी के समर्थन में आ गए हैं। बिलासपुर सदर सीट से टिकट नहीं मिलने से नाराज चल रहे पूर्व सांसद सुरेश चंदेल को भी पार्टी ने शांत कर दिया है।

शनिवार को सुरेश चंदेल ने बिलासपुर से पार्टी प्रत्याशी सुभाष ठाकुर के पक्ष में आयोजित जनसभा में मंच साझा किया। जिला कांगड़ा के पालमपुर विधानसभा क्षेत्र में टिकट आवंटन से नाराज प्रवीण शर्मा को मनाने का जिम्मा सांसद शांता कुमार को सौंपा गया है। शनिवार को शांता कुमार ने प्रवीण शर्मा के घर जाकर उनसे काफी लंबी चर्चा भी की है। 

भाजपा की बागियों को लेकर परेशानी बरकरार
पार्टी ने बेशक कुछ सीटों पर डैमेज कंट्रोल कर लिया है लेकिन अभी भी कई सीटों पर स्थिति खराब बनी हुई है। जिला सिरमौर की रेणुका सीट से पूर्व विधायक हृदया राम ने निर्दलीय नामांकन पत्र भर दिया है। सुंदरनगर में रूप सिंह ठाकुर के समर्थक पार्टी प्रत्याशी राकेश जम्वाल के खिलाफ बगावत पर उतर आए हैं।

सोलन में भाजपा प्रत्याशी राजेश कश्यप के खिलाफ 2012 में पार्टी प्रत्याशी रही कुमारी शीला ने मोर्चा खोल दिया है। शिमला शहरी सीट से पूर्व पार्षद और व्यापार मंडल महासचिव संजीव ठाकुर ने सुरेश भारद्वाज के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। जुब्बल कोटखाई में नीलम सरकेक, चौपाल में सीमा मेहता और कसुम्पटी में प्रेम ठाकुर व वीडी शर्मा भी पार्टी के घोषित प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने की तैयारी में है।

इसके अलावा फतेहपुर में भाजपा प्रत्याशी कृपाल परमार का मंडल विरोध कर रहा है। पिछले चुनाव में पार्टी प्रत्याशी बलदेव ठाकुर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए हैं। इसी सीट से पूर्व सांसद राजन सुशांत ने भी निर्दलीय नामांकन पत्र भर कर भाजपा की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

झंडूता में सिटिंग विधायक रिखी राम कौंडल का टिकट कटना समर्थकों को अखर रहा है। कांगड़ा सीट से उत्तम चौधरी, नूरपुर में रणवीर निक्का, इंदौरा से निर्दलीय जीते मनोहर धीमान, भरमौर से तुलसी राम, बंजार से खिमी राम के भी निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने की संभावना है। 

आजाद चुनाव लड़ेंगे अनिल धीमान
हमीरपुर। भोरंज में भाजपा प्रत्याशी कमलेश कुमारी के खिलाफ निवर्तमान विधायक डॉ. अनिल धीमान ने मोर्चा खोल दिया है। टिकट कटने से भड़के डॉ. धीमान अब 23 अक्तूबर को बतौर निर्दलीय अपना नामांकन भरेंगे। इससे पहले वह विस उपचुनाव में वह भाजपा की तरफ से पार्टी प्रत्याशी थे।

इसी तरह 1998 का चुनाव कांग्रेस पार्टी से लड़ चुके प्रेम कौशल ने भी अब बगावत पर उतरते हुए 23 अक्तूबर को निर्दलीय नामांकन भर कर चुनाव लड़ने का एलान किया है। वह कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश कुमार को विस चुनाव मैदान में कड़ी टक्कर दे सकते हैं। भोरंज से सटी विधानसभा क्षेत्र बड़सर में भी कांग्रेस के लिए जीत की राह आसान नहीं।


यहां से पूर्व में कांग्रेस के प्रदेश सचिव रहे सीताराम भारद्वाज ने शनिवार को निर्दलीय नामांकन भर दिया। हालांकि सीपीएस इंद्रदत्त लखनपाल अपने पांच साल के कार्यकाल में करवाए विकास के बूते जीत का दम रहे हैं। भोरंज और बड़सर में फूटी बगावत की चिंगारी से कइयों के गणित बिगड़ेंगे। देखना दिलचस्प रहेगा कि विधानसभा चुनावों में जीत का सेहरा किसके सिर पर सजता है।

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