HP Budget Session: विधायक निधि की किस्त रोकने पर पहले ही दिन हंगामा, नोकझोंक के बीच विपक्ष का वाकआउट
14वीं विधानसभा के बजट सत्र के पहले ही दिन मंगलवार को सदन में विधायक क्षेत्र विकास निधि की किस्त रोकने पर हंगामा हो गया। आखिरी किस्त न मिलने पर नोकझोंक और नारेबाजी के बीच विपक्ष ने वाकआउट कर दिया।
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हिमाचल प्रदेश की 14वीं विधानसभा के बजट सत्र के पहले ही दिन मंगलवार को सदन में विधायक क्षेत्र विकास निधि की किस्त रोकने पर हंगामा हो गया। आखिरी किस्त न मिलने पर नोकझोंक और नारेबाजी के बीच विपक्ष ने वाकआउट कर दिया। प्रश्नकाल में विधायकों के सवालों पर मंत्रियों से मौखिक जवाब भी इस हंगामे की भेंट चढ़ गए। शोकोद्गार के बाद भाजपा और कांग्रेस के विधायकों के बीच खूब नोकझोंक हुई। विपक्षी भाजपा ने नियम 67 के तहत काम रोको प्रस्ताव लाकर विधायक क्षेत्र विकास निधि पर चर्चा मांगी। नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश पर बढ़ते कर्ज को लेकर पेश किए जा रहे आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार मुद्दे को अलग दिशा में ले जा रही है।
भाजपा के नौ सदस्यों की ओर से दिए गए नोटिस पर चर्चा होनी चाहिए। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि विधायक क्षेत्र विकास निधि बंद नहीं की है, इसे रोका गया है। राजस्व बढ़ते ही इसे जारी करने पर विचार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की सरकार प्रदेश को आर्थिक तौर पर बदहाल कर गई है। मुख्यमंत्री के इस जवाब से नाराज होकर भाजपा विधायकों ने सदन से वाकआउट कर दिया। उधर, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान ने जहां मोर्चा संभाला, वहीं भाजपा विधायक रणधीर शर्मा, बिक्रम ठाकुर और हंसराज मुखर रहे।
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क्यों रोका गया विधायक क्षेत्र विकास निधि का पैसा : परमार
सदन में शोकोद्गार समाप्त होते ही जब विधानसभा अध्यक्ष आगामी कार्यवाही शुरू करने लगे तो भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने नियम 67 के तहत विधायक क्षेत्र विकास निधि नहीं दिए जाने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि सारा काम रोककर विधायक क्षेत्र विकास निधि का पैसा क्यों रोका गया है, इस पर चर्चा की जाए। पूर्व सरकार ने बजट प्रावधान करते हुए इस निधि के लिए वार्षिक दो करोड़ रुपये तय किए थे। जनवरी से मार्च 2023 के लिए मिलने वाली निधि के 50 लाख रुपये की आखिरी किस्त से अब वंचित कर दिया गया है।
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पूर्व सरकार ने इस निधि के तहत तीन किस्तें जारी की हैं। इस पर संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान ने कहा कि भाजपा की ओर से दिया नोटिस सरकार के विचाराधीन है। अभी प्रदेश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। प्रदेश पर 75,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। निधि को जारी करने का मामला कांग्रेस विधायकों ने भी उठाया है। भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि यह केवल विधायकों का मामला नहीं है। गांवों में छोटे-छोटे रास्तों, सड़कों को बनाने जैसे कई काम होते हैं। आपदा प्रबंधन का पैसा भी वापस मंगवा लिया गया है।
शोकोद्गार प्रस्ताव पर हुई चर्चा
इससे पहले सुबह 11:00 बजे सदन की कार्यवाही की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। सत्रारंभ में मुख्यमंत्री ने सबसे पहले अपने मंत्रियों का परिचय दिया। उसके बाद सदन में पूर्व मंत्री मनसा राम के देहांत पर शोकोद्गार प्रस्ताव पर विधानसभा सदस्यों के वक्तव्य हुए। मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल का पहला बजट 17 मार्च को पेश करेंगे। वित्तीय वर्ष 2023-24 का यह बजट 29 मार्च को पारित किया जाएगा। राज्य की 14वीं विधानसभा का यह दूसरा सत्र होगा। यह बजट सत्र 6 अप्रैल को संपन्न होगा। वहीं, सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू अपनी पुरानी ऑल्टो कार में विधानसभा पहुंचे। सीएम को अपनी पुरानी कार में देखकर यहां तैनात पुलिस कर्मी भी हैरान रह गए। जैसे ही सीएम कार से उतरे पुलिस कर्मियों ने उन्हें सैल्यूट किया।
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पहली बार जनता के विषय पर बात नहीं हो रही बात: अग्निहोत्री
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पहली दफा ऐसा हो रहा है कि सदन में 67 विधायकों के विषय पर बात हो रही है। जनता के विषय पर बात नहीं हो रही है। सदस्यों के बारे में विधानसभा अध्यक्ष के चैंबर में ही चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जयराम सरकार ने 27,000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है। कांग्रेस सरकार ने पुरानी पेंशन योजना बहाल की है। शराब ठेकों की नीलामी करने की राजनीतिक इच्छा शक्ति दिखाई है। सभी दस गारंटियों को समय पर पूरा किया जाएगा। इसी बीच भाजपा विधायकों ने उठकर नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद नेता विपक्ष जयराम ठाकुर और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री के जवाब से नाराज होकर करीब 12:35 बजे भाजपा विधायकों ने सदन से वाकआउट कर दिया। वाकआउट के बाद विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि विपक्ष इस मामले को अनुपूरक सवालों के तहत भी उठा सकता था। मैं इस प्रस्ताव को निरस्त करता हूं।
जहां जरूरत होगी, वहां पर खोले जाएंगे संस्थान: सुक्खू
वाकआउट के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सदन में विपक्ष के रवैये को अनुचित बताते हुए कहा कि जिन कर्मचारियों ने इस प्रदेश के विकास की गाथा लिखी है, सरकार उनका ध्यान रख रही है। कर्मचारियों के लिए जयराम ठाकुर का दृष्टिकोण सही नहीं है। हिमाचल में प्रदेश में आमदनी के आंकडे़ आएंगे तो विधायक निधि पर विचार करेंगे। 920 संस्थान जो बंद किए हैं। जहां जरूरत होगी, वहां पर संस्थानों को खोला जाएगा। राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य इस पर दिन-रात काम कर रहे हैं।
प्रतिदिन 5,000 मीट्रिक टन सीमेंट का उत्पादन करती है अल्ट्राटेक कंपनी : चौहान
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार के सवाल के जवाब में उद्योग मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान ने लिखित जानकारी दी कि अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड की ओर से गांव बाघा में सीमेंट का उत्पादन 24 फरवरी 2010 को शुरू किया गया था। कंपनी प्रतिदिन लगभग 5000 मीट्रिक टन सीमेंट का उत्पादन करती है। उद्योग मंत्री ने लिखित जवाब दिया कि हिमाचल सरकार की ओर से कंपनी के पक्ष में 50 वर्षों के लिए चूना-पत्थर का पट्टा आवंटित किया गया है। सरकार की ओर से पट्टे पर कुल 324.479 हेक्टेयर जमीन दी गई है। सीमेंट प्लांट के कारण पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए कंपनी ने कई उपकरण लगाए हैं।