Shimla News: विधानसभा बजट सत्र के पहले ही दिन शिमला में ट्रैफिक जाम से परेशान हुए लोग
प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के पहले ही दिन मंगलवार को सर्कुलर रोड वाहनों से जाम हो गया। इससे स्कूल, कॉलेज के विद्यार्थियों और कर्मचारियों को परेशानी झेलनी पड़ी। लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी टुटीकंडी क्रॉसिंग से ओल्ड बस स्टैंड पहुंचने में आई।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा बजट सत्र के पहले ही दिन मंगलवार को सर्कुलर रोड वाहनों से जाम हो गया। इससे स्कूल, कॉलेज के विद्यार्थियों और कर्मचारियों को परेशानी झेलनी पड़ी। लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी टुटीकंडी क्रॉसिंग से ओल्ड बस स्टैंड पहुंचने में आई। विक्ट्री टनल से ओल्ड बस स्टैंड, टुटीकंडी और लक्कड़ बाजार की तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। इस दौरान विद्यार्थियों को शैक्षणिक संस्थानाओं, दफ्तर आ रहे कर्मचारियों को परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि पुलिस के अधिकारी और जवान यातायात व्यवस्था को सुचारू चालने में लगे रहे लेकिन, वाहनों की आमद अधिक होने से संकरी सड़कें पैक हो गईं। मंगलवार को सुबह 9:30 बजे से 11:00 बजे तक यातायात की सबसे ज्यादा समस्या पेश आई। टुटीकंडी से ओल्ड बस स्टैंड तक जाम लग गया।
अर्की से बस में शिमला आ रहे गोविंद, आशीष और रमेश टुटीकंडी से ओल्ड बस स्टैंड करीब डेढ़ घंटे में पहुंचे। उन्होंने बताया कि सड़क पर लंबी कतारें लगी होने से वाहनों की आवाजाही कुछ देर के पूरी तरह से ठप हो गई थी। बस में आगे बैठे हुए होने से धूप में तप गए। इस दौरान कार्यालय देरी होने के चलते कई लोगों ने बसों से उतरकर पैदल आवाजाही करना शुरू की दी। इन लोगों ने शहर में बड़ी बसों के प्रवेश पर रोक लगाने की प्रशासन से मांग की है। इस दौरान कई लोगों ने वाहन मोड़कर बाईपास सड़क का इस्तेमाल भी किया। दरअसल विस बजट सत्र के पहले दिन वीवीआईपी मूवमेंट को प्राथमिकता दी गई। इसके चलते कुछ देर के लिए चौड़ा मैदान-विस सड़क के अलावा सर्कुलर सड़क पर वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गई। इसे आम लोगों को परेशानियां हुईं।
लोग बोले, आम लोगों की समस्या से नहीं कोई सरोकार
शहर में ट्रैफिक इतना बढ़ गया है कि पुलिस के लिए यातायात संभालना चुनौती पूर्ण हो गया है। सड़कें संकरी हैं, मुख्य सड़क से दर्जनों संपर्क मार्ग के लिए डार्वजन है। वहीं यातायात भी पहले के मुकाबले अधिक हो गया है। पुलिस के सर्वे के मुताबिक हर मिनट में शहर के अंदर 27 वाहन आ रहे हैं। विक्ट्री टनल के पास तीन स्थानों से वाहन प्रवेश करते हैं। यहां पर एक साथ वाहनों को छोड़ना नामुकिन है। इस स्थिति में मुख्य सड़क पर वाहनों की रफ्तार थम जाती है। लोग सवाल उठा रहे है कि सरकार को शिमला में यातायात की गंभीर हो रही समस्या से कोई सरोकार नहीं है।
बजट सत्र के लिए 6 कंपनियां तैनात, 500 जवानों के हवाले सुरक्षा प्रबंध
वहीं, प्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र को लेकर शिमला पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। राजधानी शिमला में विस सत्र के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए 6 कंपनियों की तैनाती की गई है। पुलिस के 12 उच्च अधिकारी सहित करीब 500 जवान सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे। विधानसभा बजट सत्र के लिए तैयार किए ट्रैफिक प्लान के मुताबिक शिमला शहर को पांच सेक्टरों में बांटा है। पहला सेक्टर टुटू से कैनेडी हाउस तक बनाया है। दूसरा सेक्टर शोघी से रेलवे स्टेशन तक, रेलवे स्टेशन से कुमार हाउस तीसरा सेक्टर बनाया गया है। इस सेक्टर के बीच के क्षेत्र विधानसभा परिसर के चारों तरफ चप्पे-चप्पे में पुलिस की तैनाती रहेगी। रेलवे स्टेशन से ओल्ड बस स्टैंड होते हुए सचिवालय को चौथा सेक्टर, जबकि विक्ट्री टनल से वाया लक्क्ड़ बाजार होते ढली को सेक्टर पांच में रखा गया है। इस दौरान मुंख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, राज्यपाल और मंत्रियों के विधानसभा आगमन को लेकर पुलिस अलर्ट पर रहेगी। इस दौरान आम दिनों की तरह यातायात व्यवस्था को सुचारु रखना पुलिस के लिए चुनौती होगी।