हिमाचल विधानसभा सत्र: सदन में बिजली परियोजनाओं पर वाटर सेस लगाने का विधेयक पेश
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बिजली परियोजनाओं पर वाटर सेस लगाने के विधेयक को सदन में प्रस्तुत करते हुए कहा कि राज्य की नदियों और सहायक नदियों में जो पानी बह रहा है, उससे आय हो सकती है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उपमुख्यमंत्री और जल शक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बिजली परियोजनाओं पर वाटर सेस लगाने के विधेयक को सदन में प्रस्तुत करते हुए कहा कि राज्य की नदियों और सहायक नदियों में जो पानी बह रहा है, उससे आय हो सकती है। बिजली उत्पादन पर ऐसा कर दूसरे राज्यों में भी लगा हुआ है। प्रदेश पर कर्ज बहुत है, मगर टैक्स से आमदनी कम है। इससे चार हजार करोड़ रुपये की आमदनी होगी। यह जो कानून लेकर आए हैं, इस पर उन्होंने रात को दो बजकर आठ मिनट पर हस्ताक्षर किए हैं। इस कर को बड़ी परियोजनाओं पर लगाया गया है। इसका आम जनता पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा।
आय का स्रोत बढ़ाने के लिए यह नई पहल की गई है। 172 के करीब विद्युत परियोजनाओं पर यह टैक्स लगाया जा रहा है। इस विधेयक पर चर्चा में मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के विधेयकों का अध्ययन करने के बाद यह विधेयक लाया गया है। इस विधेयक के अलावा आय बढ़ाने के अन्य स्रोतों पर भी काम किया जाएगा। आने वाले वक्त में इस संबंध में और कदम उठाए जाएंगे। सोमवार को भी बीबीएमबी के अध्यक्ष आए थे। एनटीपीसी और एनएचपीसी से भी बात की है। कई जगह हमें समझौता भी करना पड़ सकता है। अगर किसी भी परियोजना पर ज्यादा बोझ लगेगा तो उस पर विचार करेंगे। इससे अनुमानित आय करीब 4 हजार करोड़ रुपये है।