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स्वास्थ्य कार्ड बनाने के बावजूद पैसा देकर करवाना पड़ रहा उपचार
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एमसी ने बनवाए थे आयुष्मान और हिमकेयर कार्ड
अब नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं लोग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में सैकड़ों परिवारों को आयुष्मान और हिमकेयर कार्ड बनाने के बावजूद निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रहीं। यह लोग पांच महीने पहले मार्च में अपने स्वास्थ्य कार्ड बनवा चुके हैं लेकिन अभी तक इन्हें यह कार्ड जारी नहीं हुए हैं। मजबूरन लोगों को पैसा देकर उपचार करवाना पड़ रहा है।
लोग नगर निगम दफ्तर से लेकर स्थानीय पार्षदों के चक्कर काट रहे हैं। आरोप लगा रहे हैं कि पार्षदों ने पैसे तो ले लिए लेकिन कार्ड नहीं बनाए। शहर में मार्च और अप्रैल माह के दौरान लोगों के आयुष्मान और हिमकेयर कार्ड बनाए थे। स्वास्थ्य विभाग ने नगर निगम के माध्यम से शहर के सभी वार्डों में कैंप लगाकर जरूरतमंद लोगों के कार्ड बनाए थे। आयुष्मान कार्ड निशुल्क बनाए गए हैं जबकि हिमकेयर कार्ड के लिए हर परिवार से एक हजार रुपये शुल्क और सौ रुपये कार्ड बनाने की फीस ली गई। लोगों को कहा कि उन्हें वार्ड पार्षद के जरिये यह कार्ड मुहैया करवाए जाएंगे। लेकिन पांच महीने बाद भी सैकड़ों परिवारों को कार्ड नहीं मिले हैं।
जाखू वार्ड में किसी भी व्यक्ति को स्वास्थ्य कार्ड नहीं मिले हैं। मज्याठ पार्षद दिवाकर देव शर्मा और पार्षद किरण बावा के अनुसार बालूगंज में भी कार्ड नहीं पहुंचे हैं। विकासनगर पार्षद रचना भारद्वाज, टुटू पार्षद विवेक शर्मा ने कहा कि उनके वार्ड के लोगों को भी अभी तक स्वास्थ्य कार्ड नहीं मिले हैं। कृष्णानगर पार्षद बिट्टू कुमार के अनुसार कुछेक लोगों को अभी कार्ड नहीं मिले हैं।
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आईटी विभाग को भेज रहे हैं पत्र: आयुक्त
नगर निगम आयुक्त आशीष कोहली ने कहा कि स्वास्थ्य कार्ड बनाने में नगर निगम की भूमिका नहीं है। लेकिन पार्षदों के मामला उठाने के बाद निगम इस बारे में आईटी विभाग के निदेशक और सीएमओ को पत्र लिखेगा। जब लोगों ने पैसे दे दिए हैं तो फिर कार्ड भी मिलने चाहिए।
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अब नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं लोग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में सैकड़ों परिवारों को आयुष्मान और हिमकेयर कार्ड बनाने के बावजूद निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रहीं। यह लोग पांच महीने पहले मार्च में अपने स्वास्थ्य कार्ड बनवा चुके हैं लेकिन अभी तक इन्हें यह कार्ड जारी नहीं हुए हैं। मजबूरन लोगों को पैसा देकर उपचार करवाना पड़ रहा है।
लोग नगर निगम दफ्तर से लेकर स्थानीय पार्षदों के चक्कर काट रहे हैं। आरोप लगा रहे हैं कि पार्षदों ने पैसे तो ले लिए लेकिन कार्ड नहीं बनाए। शहर में मार्च और अप्रैल माह के दौरान लोगों के आयुष्मान और हिमकेयर कार्ड बनाए थे। स्वास्थ्य विभाग ने नगर निगम के माध्यम से शहर के सभी वार्डों में कैंप लगाकर जरूरतमंद लोगों के कार्ड बनाए थे। आयुष्मान कार्ड निशुल्क बनाए गए हैं जबकि हिमकेयर कार्ड के लिए हर परिवार से एक हजार रुपये शुल्क और सौ रुपये कार्ड बनाने की फीस ली गई। लोगों को कहा कि उन्हें वार्ड पार्षद के जरिये यह कार्ड मुहैया करवाए जाएंगे। लेकिन पांच महीने बाद भी सैकड़ों परिवारों को कार्ड नहीं मिले हैं।
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जाखू वार्ड में किसी भी व्यक्ति को स्वास्थ्य कार्ड नहीं मिले हैं। मज्याठ पार्षद दिवाकर देव शर्मा और पार्षद किरण बावा के अनुसार बालूगंज में भी कार्ड नहीं पहुंचे हैं। विकासनगर पार्षद रचना भारद्वाज, टुटू पार्षद विवेक शर्मा ने कहा कि उनके वार्ड के लोगों को भी अभी तक स्वास्थ्य कार्ड नहीं मिले हैं। कृष्णानगर पार्षद बिट्टू कुमार के अनुसार कुछेक लोगों को अभी कार्ड नहीं मिले हैं।
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आईटी विभाग को भेज रहे हैं पत्र: आयुक्त
नगर निगम आयुक्त आशीष कोहली ने कहा कि स्वास्थ्य कार्ड बनाने में नगर निगम की भूमिका नहीं है। लेकिन पार्षदों के मामला उठाने के बाद निगम इस बारे में आईटी विभाग के निदेशक और सीएमओ को पत्र लिखेगा। जब लोगों ने पैसे दे दिए हैं तो फिर कार्ड भी मिलने चाहिए।