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स्क्रबटायफस का कहर, हिमाचल में पांचवीं मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 31 Jul 2015 08:09 PM IST
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आईजीएमसी अस्पताल शिमला में स्क्रब टायफस से होने वाली मौतों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा। शुक्रवार को बिलासपुर के झंडूता (47) की रहने वाली एक महिला मरीज ने दम तोड़ दिया। यह बीते तीन दिन से अस्पताल में दाखिल थीं।
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अब तक स्क्रब टायफस से पांच मरीजों की मौतें हो चुकी है। अस्पताल में मरीजों की संख्या का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। संदिग्ध मरीजों के टेस्ट करवाए जा रहे हैं। डाक्टरों का कहना है कि मौसम साफ होने पर मरीजों की संख्या में इजाफा हो सकता है।
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अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश ने कहा कि प्रबंधन मुस्तैद है, लोगों से आग्रह है कि किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत डाक्टर से संपर्क करें। जरा सी लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती है।
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ऐसे होता है स्क्रब टायफस
यह रोग एक जीवाणु ;रिकेटशिया से संक्रमित पिस्सू ;माइट के काटने से फैलता है जो खेतों झाड़ियों व घास में रहने वाले चूहों में पनपता है। यह जीवाणु चमड़ी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और स्क्रब टाइफस बुखार पैदा करता है।