अमर उजाला खबर का असर: चावल घोटाले में अफसरों से रिपोर्ट तलब
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स्पीति घाटी में मिड-डे मील के तहत चावल घोटाले पर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने एसडीएम काजा, सिविल सप्लाई कारपोरेशन और फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया से रिपोर्ट तलब की है। अमर उजाला में वीरवार के अंक में प्रकाशित खबर पर कड़ा संज्ञान लेते हुए प्रारंभिक शिक्षा निदेशक रोहित जमवाल ने एक सप्ताह के भीतर अप्रैल 2014 से सितंबर 2016 तक हुई सप्लाई का पूरा ब्योरा तलब किया है।
स्पीति घाटी में एक और घोटाला, मिड-डे मील का डकार गए 500 क्विंटल चावल
निदेशक ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जाएगी। दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग के निरीक्षण विंग की रिपोर्ट में मिड-डे मील के तहत जारी करीब 500 क्विंटल चावल का घोटाला होने की बात सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार स्पीति घाटी के सैकड़ों स्कूली बच्चों को करीब दो साल तक मिड-डे मील का चावल का कोटा दिया ही नहीं गया। मामला उजागर होने के बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने चावल की सप्लाई करने वाली एजेंसी से लेकर स्कूल प्रभारियों से इसको लेकर रिपोर्ट मांगी है। लाहौल स्पीति में एसडीएम के पास ही उपनिदेशक शिक्षा का कार्यभार है।
ऐसे में निदेशालय ने एसडीएम से पूरे मामले की एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा है। इसके अलावा मिड-डे मील के तहत राशन की सप्लाई करने वाले खाद्य आपूर्ति निगम और राशन मुहैया करवाने वाली एजेंसी फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया से भी रिपोर्ट मांगी है।
इन दोनों एजेंसियों से पूछा गया है कि स्पीति घाटी के लिए अप्रैल 2014 से लेकर सितंबर 2016 तक मिड-डे मील के लिए कितना चावल आवंटित किया गया। किन अधिकारियों को यह सप्लाई सौंपी गई।