हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र: फोरलेन निर्माण में गड़बड़ी और टोल के बोझ का मुद्दा गूंजा, जानें सबकुछ विस्तार से
हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र के छठे दिन मंडी-कुल्लू और कीरतपुर-मनाली फोरलेन से जुड़े कई मुद्दे उठे। द्रंग विधायक पूर्ण चंद ठाकुर ने पंडोह-झिड़ी फोरलेन में डीपीआर के अनुसार काम न होने, प्रभावितों को उचित मुआवजा न मिलने और अवैज्ञानिक निर्माण से हुए नुकसान का मुद्दा उठाया। मनाली विधायक ने टोल का बोझ कम करने की मांग की, जबकि धर्मपुर विधायक ने स्पीड लिमिट 70 किमी करने की मांग रखी।
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हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र के छठे दिन गुरुवार को कीरतपुर-मनाली फोरलेन से जुड़े कई अहम मुद्दे सदन में उठे। द्रंग से भाजपा विधायक पूर्ण चंद ठाकुर ने मंडी-कुल्लू फोरलेन के निर्माण में कथित अनियमितताओं, प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा नहीं मिलने और डीपीआर के अनुरूप काम न होने का मामला उठाया। वहीं मनाली से कांग्रेस विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने फोरलेन पर लगने वाले टोल और सड़क की खराब स्थिति का मुद्दा उठाया। धर्मपुर के कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ने फोरलेन पर 60 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड लिमिट बढ़ाकर 70 किलोमीटर प्रति घंटा करने की मांग रखी।
पंडोह-झिड़ी फोरलेन में गड़बड़ी का आरोप
द्रंग विधायक पूर्ण चंद ठाकुर ने सदन में कहा कि पंडोह से झिड़ी तक फोरलेन निर्माण के दौरान कई स्थानों पर डीपीआर के मुताबिक कार्य नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर अवैज्ञानिक तरीके से निर्माण कार्य किए जाने से स्थानीय लोगों को नुकसान उठाना पड़ा है। विधायक ने प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने और निर्माण कार्य के कारण हुए नुकसान की भरपाई की मांग की। उन्होंने फोरलेन निर्माण से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई करने की मांग भी सदन में रखी। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि सरकार इस विषय को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के समक्ष उठाएगी।
फोरलेन का खर्च राज्य दे तो टोल भी राज्य को मिले: सुक्खू
फोरलेन और टोल से जुड़े मुद्दे पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्र सरकार ने फोरलेन निर्माण को लेकर नया नियम लागू किया है। उन्होंने कहा कि इसके तहत जहां फोरलेन बनाया जाना है, वहां भूमि अधिग्रहण की राशि राज्य सरकार को वहन करनी होगी। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि यदि फोरलेन के लिए भूमि अधिग्रहण का खर्च राज्य सरकार देगी तो फिर सड़क का निर्माण भी राज्य सरकार ही करे और उससे मिलने वाला टोल भी राज्य के पास आना चाहिए।
मनाली विधायक ने उठाया टोल का मुद्दा
मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने कुल्लू-मनाली फोरलेन पर टोल का मुद्दा उठाते हुए स्थानीय लोगों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को कम करने की मांग की। उन्होंने फोरलेन की खराब स्थिति पर भी सवाल उठाए। कुल्लू और मनाली के बीच डोहलुनाला में टोल प्लाजा है। विधायक ने कहा कि स्थानीय लोगों को बार-बार टोल का भुगतान करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि फोरलेन के लिए राज्य को ही आर्थिक भार उठाना पड़ता है तो इससे बेहतर होगा कि राज्य सरकार स्वयं नेशनल हाईवे का निर्माण करे और टोल भी खुद वसूले। मुख्यमंत्री ने इस मामले को भी केंद्र सरकार के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया।
धर्मपुर से कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ने कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर वाहनों की स्पीड लिमिट का मामला सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई हिस्सों में अधिकतम गति सीमा 60 किलोमीटर प्रति घंटा है। इससे वाहन चालकों के चालान हो रहे हैं। विधायक ने स्पीड लिमिट को बढ़ाकर 70 किलोमीटर प्रति घंटा करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पीड लिमिट बढ़ाने से पहले सड़क की मौजूदा स्थिति और दुर्घटनाओं की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद केंद्र सरकार के समक्ष मामला उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्पीड लिमिट को 70 किलोमीटर प्रति घंटा करने की मांग केंद्र के सामने रखेगी।
मानसून सत्र के छठे दिन 77 सवाल
हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र के छठे दिन सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रश्नकाल से शुरू हुई। सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के कुल 77 सवाल सूचीबद्ध हैं। इनमें 54 तारांकित प्रश्न हैं, जिनका मंत्रियों को सदन में मौखिक जवाब देना है, जबकि 23 अतारांकित प्रश्नों के जवाब लिखित रूप में सदन के पटल पर रखे जाएंगे।
आज विभिन्न विभागों से जुड़े सवालों के माध्यम से विधायक अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं सदन में उठा रहे हैं। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, जल शक्ति, बिजली, कार्मिक और आपदा प्रबंधन सहित कई विभागों से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। पिछले पांच दिनों से सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली है। ऐसे में छठे दिन भी कई मुद्दों पर सदन में हंगामे और तल्ख बहस के आसार बने हुए हैं।