राज्यपाल ने लिया फैसला, ये होंगे बागवानी और कृषि विवि के नए कुलपति
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राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने आखिर बागवानी और कृषि विश्वविद्यालयों के नए कुलपतियों पर फैसला ले लिया है। राजभवन शिमला ने हिमाचल सरकार की दोनों कुलपतियों को सेवा विस्तार देने की संस्तुति नहीं मानी और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से पैनलों के आने के बाद अपने विवेक से फैसला ले लिया है।
दोनों कुलपति हिमाचल मूल के हैं, मगर अभी तक राज्य से बाहर ही सेवाएं देते रहे हैं। डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलपति डॉ. हरिचंद शर्मा बनाए गए हैं, जबकि चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के कुलपति डॉ. अशोक सरियाल बनाए गए हैं।
नौणी विश्वविद्यालय के नए कुलपति आईसीआरईएसएटी हैदराबाद के वैज्ञानिक डॉ. हरिचंद शर्मा तैनात किए गए हैं। डॉ. हरिचंद शर्मा मूल रूप से हिमाचल के जिला बिलासपुर के तहसील घुमारवीं एवं गांव बछौड़ा से हैं।
कांगड़ा और बिलासपुर के रहने वाले हैं नए वीसी
वहीं, कौल कृषि संस्थान कुरुक्षेत्र में जेनेटिक एंड प्लांट ब्रिडिंग के प्रोफेसर अशोक कुमार सरयाल को कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के कुलपति के रूप में तैनात किया गया है। डॉ. सरियाल मूल रूप से हिमाचल के कांगड़ा जिले के तहसील पालमपुर एवं गांव भवारना के मूल निवासी हैं।
ये मालूम रहे कि राज्य सरकार की ओर से नौणी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. वीएस ठाकुर और पालमपुर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. केके कटोच की सेवाएं जारी रखने की राजभवन को संस्तुति भेजी गई थी, मगर राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने नए सिरे से आवेदन मांगे। डॉ. वीएस ठाकुर और डॉ. केके कटोच ने भी फिर नए सिरे से आवेदन किया था।
ये आवेदन बाद में नई दिल्ली में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के लिए भेजे गए। वहां से पैनल आए तो इन पर राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने फैसला ले लिया। राज्यपाल आचार्य देवव्रत के सचिव पुष्पेंद्र राजपूत ने दोनों कुलपतियों की नियुक्ति की पुष्टि की है। उधर, कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के कुलपति डॉ. अशोक सरियाल ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से भी भेंट की।