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पूर्व डीजी भंडारी पर नहीं चलेगा भ्रष्टाचार का केस

Fri, 22 Aug 2014 08:47 AM IST
Updated Fri, 22 Aug 2014 08:47 AM IST
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vigilence not found any proof against DGP bhandari in phone tapping case

स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो ने पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी के खिलाफ वीरवार को कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। इसे शिमला में सीजेएम कोर्ट में प्रस्तुत किया गया है। भंडारी पर भ्रष्टाचार का मुकदमा नहीं चलेगा।

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उनके खिलाफ केवल टेलीग्राफ एक्ट के तहत ही आरोप पत्र को बनाकर अदालत में पेश किया गया है। आईडी भंडारी पर चार्जशीट में आरोप हैं कि उन्होंने वर्ष 2012 में सीआईडी की ओर से टैप किए गए रिकार्ड को अपने कब्जे में रखा, जबकि वे टेलीग्राफ अधिनियम के तहत ऐसा नहीं कर सकते थे।
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उस समय वे एडीजीपी सीआईडी थे। विजिलेंस ब्यूरो में उनके खिलाफ अवैध फोन टैपिंग की छानबीन और भ्रष्टाचार के आरोप में मामला दर्ज किया था। छानबीन के बाद इसमें करप्शन का मामला नहीं निकल पाया है।

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नहीं चलेगा भ्रष्टाचार का केस

vigilence not found any proof against DGP bhandari in phone tapping case

इस कारण भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम में चार्जशीट नहीं बन पाई है। भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम में मामला बनता तो इसका चालान सत्र न्यायाधीश की अदालत में पेश किया जाना था। टेलीग्राफ एक्ट में ही चालान बनने के बाद इसे मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शिमला के कोर्ट में प्रस्तुत किया गया है।

सरकार ने इस मामले में लगभग एक माह पहले ही अभियोजन मंजूरी दे दी थी। विजिलेंस ब्यूरो के डीआईजी अरविंद कुमार शारदा ने केवल यही कहा कि वीरवार को कोर्ट में एक चालान पेश किया गया है।

क्या हैं भंडारी पर आरोप

vigilence not found any proof against DGP bhandari in phone tapping case

पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी पर आरोप रहे हैं कि उनके नेतृत्व में सीआईडी ने अवैध फोन टैपिंग की। सरकार ने सत्ता में आते ही सीआईडी मुख्यालय को टैप फोन का रिकार्ड कब्जे में लेने के लिए सील कर दिया था।

इसके बाद यहां से कंप्यूटर, हार्ड डिस्क आदि की छानबीन चलती रही। विजिलेंस ब्यूरो में भी इस पर केस दर्ज हुआ। फोरेंसिक जांच में भी मामला गया।

पहले विजिलेंस ने 1000 से अधिक अवैध फोन टैप करवाने का दावा किया लेकिन जांच के बाद इसकी संख्या बेहद कम निकली।

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