बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष की अपील खारिज, एक साल के लिए जाना पड़ेगा जेल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र मोहन कटवाल को एक साल के लिए जेल जाना पड़ेगा। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ एसएम कटवाल की अपील को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। कटवाल के अलावा मामले से जुड़े तीन अन्य आरोपियों डा. विद्यानाथ, राकेश कुमार छाबड़ा और आनंद मोहन के खिलाफ एक-एक साल की कैद को बरकरार रखा गया है।
हिमाचल सरकार के नई दिल्ली में तैनात अतिरिक्त महाधिवक्ता सूर्य नारायण सिंह ने इसकी पुष्टि की है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति वी गोपाल गौड़ा और न्यायमूर्ति आर भानुमति की खंडपीठ ने निचली अदालत की ओर से सुनाई गई सजा को सही करार दिया है।
यह है पूरा मामला
यह मामला वर्ष 2000 में शिक्षा विभाग में विद्या उपासकों की रिक्तियों पर भर्तियों से संबंधित है। कटवाल पर आरोप है कि उन्होंने बोर्ड अध्यक्ष रहते हुए अंकतालिकाओं में फर्जीवाड़ा किया और
छह उम्मीदवारों के नंबरों को ओवरराइटिंग से बढ़ा दिया गया। हालांकि, कटवाल की दलील रही है कि उन्हें राजनीतिक कारणों से फर्जी तरीके से मामले में फंसाया जा रहा है।
मुझे फैसले के बारे में पता नहीं है। वकील से बात करूंगा। उसी के बाद ही कुछ कहा जा सकता है कि मुझे आगे क्या करना है। -एसएम कटवाल, पूर्व अध्यक्ष, हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड, हमीरपुर