छात्रवृत्ति घोटाले में गिरफ्तार तीनों आरोपी 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे
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265 करोड़ रुपये के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में गिरफ्तार फर्जी संस्थानों के तीनों निदेशकों को सीबीआई की विशेष अदालत में शनिवार को पेश किया गया। कोर्ट ने तीनों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब 5 मार्च को तीनों को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में तीनों ने कई बड़े खुलासे किए हैं। मगर अभी केंद्रीय जांच एजेंसी कुछ भी बताने से परहेज कर रही है ताकि आगामी कार्रवाई की जा सके। सीबीआई की जांच में पता चला है कि तीनों ने प्रदेश में नाइलेट से मान्यता के नाम पर 9 फर्जी शिक्षण संस्थान खोले और करीब 29 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति हड़प ली। इनमें मामले के मुख्य आरोपी शिक्षा विभाग के तत्कालीन अधीक्षक अरविंद राज्टा की पत्नी बबीता राज्टा भी शामिल हैं।
बबीता के अलावा राजदीप सिंह और कृष्ण कुमार शामिल हैं। ये दोनों खरड़ और सिरसा के रहने वाले हैं। अभी तक की जांच में पता चला है कि तीनों ने अरविंद राज्टा की मदद से इन शिक्षण संस्थानों में फर्जी दाखिले दर्शाए और इसके आधार पर छात्रवृत्ति की रकम को हड़प लिया। इसके लिए एएसए सॉल्यूशन के नाम से पंचकूला के इलाहाबाद बैंक में खाता खुलवाया गया। सीबीआई ने इस खाते को भी सीज कर दिया है। वहीं, बबीता राज्टा ने अदालत में जमानत के लिए अर्जी दी थी। सुनवाई के बाद अदालत ने सोमवार के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया है।
शराब कंपनी के खाते में डाली 99 लाख की रकम
केंद्रीय जांच एजेंसी की जांच में खुलासा हुआ है कि एएसए सॉल्यूशन के नाम पर खोले गए बैंक खाते से शराब कंपनी को दो बार पैसे ट्रांसफर किए गए। पहली बार 63 लाख रुपये और दूसरी बार 33 लाख रुपये की राशि डाली गई है।