विज्ञापन

सेब सीजन में टोल बैरियरों पर घोटाले की आशंका, होगी जांच

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Updated Thu, 14 Jun 2018 02:25 PM IST
scam on toll barriers during apple season
विज्ञापन
ख़बर सुनें
हिमाचल के टोल बैरियरों पर सेब सीजन के दौरान करोड़ों रुपये के घोटाले का अंदेशा है। इस पर राज्य सरकार जांच बैठाएगी। कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मार्कंडा ने कार्रवाई की बात कही है।
विज्ञापन
बैरियरों की कमाई के तुलनात्मक आंकड़ों में भारी अंतर सामने आया है। इन बैरियरों पर बाहरी मंडियों को जा रहे सेब से जहां साल 2014 में 6.76 करोड़ रुपये की कमाई हुई, वहीं साल 2017 में कमाई घटकर 2.41 करोड़ रुपये ही दर्ज हो पाई।

मार्केटिंग बोर्ड के पास उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक सभी एपीएमसी में साल 2014 में 6.76 करोड़, 2015 में 8.45 करोड़, 2016 में 4.86 करोड़ और 2017 में मात्र 2.41 करोड़ की आमदनी हुई। बोर्ड ने बीते साल मार्च महीने में प्रदेश भर में करीब डेढ़ दर्जन टोल बैरियर बंद किए, जबकि इससे राज्य की 10 एपीएमसी को हर साल सात से दस करोड़ की कमाई होती रही।

कृषि और बागवानी उपज में से टोल बैरियरों पर केवल सेब पर ही यूजर शुल्क लिया जाता रहा है। ये यूजर शुल्क एक फीसदी की दर से आढ़तियों, बागवानों आदि से लिया जाता रहा है। बीते सेब सीजन में शिमला, कुल्लू और मंडी जिले के सभी टोल बैरियर बंद किए गए।

हालांकि, सोलन के परवाणू, स्वारघाट और कंडवाल बैरियर को यूजर चार्जेस वसूली को अधिकृत रखा गया। परवाणू बैरियर होते हुए शिमला, मंडी और किन्नौर जिले के ज्यादातर सेब देश की मंडियों को भेजा जाता है।

एपीएमसी शिमला को साल 2016 में यूजर चार्जेस से 3.20 करोड़ की आय हुई थी और 2017 में केवल 61 लाख रुपये की ही आमदनी हो पाई। सबसे ज्यादा सेब इन्हीं क्षेत्रों से आता है। यहां का ज्यादातर सेब परवाणू होते हुए देश की मंडियों में जाता है। ऐसे में आमदनी बढ़ने के बजाय घट गई है। इसी गड़बड़झाले की आशंका पर सरकार जांच करेगी।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all crime news in Hindi. Stay updated with us for all breaking hindi news.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Shimla

हजारों ने दी जूनियर इंजीनियर, टीजीटी मेडिकल की परीक्षा

प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग ने जेई मेकेनिकल पोस्ट कोड-696 और टीजीटी मेडिकल पोस्ट कोड-653 की लिखित परीक्षा करवाई।

21 अक्टूबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

VIDEO: हिमाचल में खत्म हुआ वायुसेना का रेस्क्यू ऑपरेशन, छह दिनों में 223 लोग किए गए एयरलिफ्ट

हिमाचल प्रदेश में वायुसेना द्वारा चलाया जा रहा रेस्क्यू ऑपरेशन शनिवार को खत्म हो गया। शनिवार को वायुसेना ने लाहौल-स्पीति से 32 और लोगों को एयरलिफ्ट किया।

30 सितंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree