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स्कूल नहीं पहुंचे तो सगे भाइयों ने रच दिया अपहरण का ड्रामा

Tue, 20 Aug 2019 07:57 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गगरेट (ऊना)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गगरेट (ऊना) Published by: Krishan Singh Updated Tue, 20 Aug 2019 07:57 PM IST
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real brothers created false drama of kidnapping in una himachal
प्रतीकात्मक तस्वीर

प्राथमिक स्कूल में पढ़ रहे दो सगे भाइयों ने अपने ही अपहरण की कहानी बनाकर परिजनों और पुलिस को सकते में डाल दिया। क्षेत्र के लोग पहले से ही बच्चा चोर गिरोह की अफवाहों से दहशत में हैं।

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ऊपर से इस तरह बच्चों के नाटक से क्षेत्र के लोगों के कुछ पलों के लिए हाथ-पांव फूल गए। अंबोटा गांव के दो सगे भाई साथ लगते दियोली गांव के एक निजी स्कूल में पढ़ते हैं। सुबह किसी वजह से उन से स्कूल बस छूट गई। इस पर उन्होंने निजी गाड़ी में लिफ्ट ले ली।
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उसके बाद इन बच्चों ने पूरे मामले को एक नाटकीय रूप दिया। बच्चों ने बताया कि एक बिना नंबर की गाड़ी में चार-पांच लोग थे, जिन्होंने उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाया और अपहरण करके अपने साथ ले गए।
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उन्होंने बताया कि इन लोगों ने कुछ नशीला पाउडर सूंघा दिया। वहां से कुछ दूरी पर एक बाजार दौलतपुर में वे एक ढाबे पर रुके और खाना खाने लगे। इस दौरान उन्हें होश आया गया। इस दौरान वे उनके चुंगल से भाग आए। 

बच्चों को नहीं दिया नशीला पदार्थ : महेश्वर

इसके बाद दोपहर को दोनों भाई घर पहुंच गए। उन्होंने पूरी कहानी घरवालों को बताई। इससे परिवार वालों के हाथ-पांव फूल गए। यह बात आग की तरह फैल गई। बड़ी संख्या में लोग बच्चों के घर पहुंच गए। कुछ लोग फोन पर हालचाल पूछने लगे। इस बीच किसी ने इस बारे में पुलिस को सूचना दे दी। 

मामला पुलिस में पहुंचने पर इन बच्चों का मेडिकल करवाया गया। इसमें किसी भी तरह का कोई नशीला पदार्थ न देने की पुष्टि हुई। उसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी की फुटेज भी देखी। पुलिस जांच में ऐसी कोई भी घटना होने का कोई भी सबूत नहीं मिला।

इसके बाद बच्चों ने अध्यापिका के पास ये खुलासा किया कि वो निजी बस से आए और स्कूल से आगे शनि मंदिर के पास जाकर उतर गए। वहां एक दुकानदार से दस रुपये लिए और वापस आ गए। 

सिविल अस्पताल गगरेट के चिकित्सक महेश्वर ने बताया कि बच्चों की जांच करने पर पाया गया कि उन्हें किसी भी तरह का कोई नशीला पदार्थ नहीं दिया गया है।

झूठी निकली बच्चों की कहानी : हरनाम
गगरेट पुलिस थाना प्रभारी हरनाम सिंह ने कहा कि बच्चों की ओर से बताई कहानी के अनुसार पुलिस ने सभी पहलुओं की जांच की, लेकिन सभी बातें झूठी पाई गई।

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