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धरना न कोई प्रदर्शन, जंगल में ही दफन हो गई इस 'गुड़िया' की चीखें

Wed, 06 Sep 2017 11:47 AM IST
चैतन्य ठाकुर/अमर उजाला, शिमला
चैतन्य ठाकुर/अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 06 Sep 2017 11:47 AM IST
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no action in tara devi rape and murder case till now

तारादेवी के जंगल में दरिंदगी का शिकार हुई एक और ‘गुड़िया’ की चीखें दफन होकर रह गईं। इसको न्याय दिलाने के लिए न कहीं कोई धरना प्रदर्शन हुए और न ही कोई प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल और प्रदेश पुलिस प्रमुख डीजीपी से मिला।

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 इस मासूम के लिए किसी ने सड़क पर उतर कर विरोध भी नहीं जताया। न ही कोई क्रमिक अनशन पर बैठा। शायद इन्हीं वजहों से अब तक इसके कातिलों को पकड़ना तो दूर, पीड़िता की पहचान करने में भी स्मार्ट पुलिस नाकाम रही। 
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शायद पुलिस भी तब जांच में तेजी लाएगी जब लोग सड़कों पर उतरेंगे?  इस मामले में न्याय दिलाने के लिए राजनीतिक संगठन भी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। इसकी वजह दरिंदगी का शिकार हुई हिमाचल से बाहर की बताई जा रही है। ऐसे में इसके लिए कैसे किसी नेता या किसी मंच की संवेदनाएं जागेगी?
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मामला तारा देवी जंगल से जुड़ा हुआ है। 24 जुलाई को देर शाम थाना बालूगंज को सूचना मिली कि एक युवती यहां बेसुध पड़ी हुई है। पुलिस मौके पर पहुंची और उसकी हालत को देखते हुए आईजीएमसी में दाखिल करवाया। जांच में सामने आया कि उसके साथ दुराचार हुआ है और उसके बाद उसकी हत्या करने की कोशिश की गई। कातिल उसे जंगल में मरा समझ कर फरार हो गए। लेकिन उसकी सांसें चल रही थीं। 

अस्पताल में उसका इलाज चला और पुलिस को उसके होश में आने का इंतजार था। इस बीच एक अगस्त को पीड़िता ने दम तोड़ दिया। मौत के बाद पुलिस ने थाना बालूगंज में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। 

डॉक्टरी जांच में सामने आया था कि पीड़िता गर्भवती थी। 11 से 12 हफ्ते का गर्भ पल रहा था। जिस समय पीड़िता को अस्पताल लाया गया था उस समय गर्भ ठीक था। लेकिन कुछ दिन बाद उसका गर्भपात हो गया। 

पीड़िता की मौत के बाद पोस्टमार्टम किया गया और साइंटिफिक एविडेंस भी पुलिस ने एकत्रित किए लेकिन अब तक पुलिस हाथ खाली है। पुलिस मामले की जांच करने का दावा कर रही है और मामले को सुलझाने के लिए यूपी में भी तहकीकात की जा चुकी है। अब देखना है कि पुलिस कितने दिनों में मामले को हल कर पाने में कामयाब हो पाती है। 

इस मामले में कब क्या हुआ

no action in tara devi rape and murder case till now

- 24 जुलाई को महिला के बेसुध होने की सूचना पुलिस को मिली। इसी दिन देर रात आईजीएमसी में करवाया भर्ती
- 22-25 साल के लगभग लग रही थी उम्र
- 11 से 12 हफ्तों का बच्चा था पेट में
- 27 जुलाई को वेंटिलेटर में उपचार के दौरान हो रही थी ब्लीडिंग
- 29 जुलाई को बालूगंज में हत्या का मामला दर्ज
- 30 जुलाई को महिला का गर्भपात
- महिला के हाथ में लिखा था... राजा जी

क्या कहता है पुलिस प्रशासन 
एसपी शिमला सौम्या सांबशिवन ने कहा कि इस मामले में संलिप्त आरोपी को पकड़ने का भरसक प्रयास किया जा रहा है। पीड़िता की शिनाख्त की भी कोशिश की जा रही है। उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में इस मामले को सुलझा लिया जाएगा।

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