फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   journalist kiran murder mystery.

आखिरी बार रोते हुए किरण ने कहा था...मुझे बचा लो भैया

Mon, 05 Oct 2015 11:08 AM IST
Updated Mon, 05 Oct 2015 11:08 AM IST
विज्ञापन
journalist kiran murder mystery.

देहरादून में ब्याही जिला सिरमौर के गुदी गांव की पत्रकार किरण की रहस्यमयी मौत से परदा उठाने के लिए परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग की है। किरण के भाई और परिवार वालों ने किरण की मौत के बाद पहली मर्तबा मीडिया के सामने आकर देहरादून में दर्ज पुलिस केस में अब तक की गई कार्रवाई पर कई सवाल खड़े किए हैं।

विज्ञापन

पढ़ें, शादी के 137 दिन ही बीते थे, पंखे से लटकी मिली लाश
विज्ञापन

किरण के भाई रामस्वरूप शर्मा ने कहा कि पुलिस दहेज के लिए प्रताड़ित करने, हत्या की आशंका जताए जाने पर दर्ज किए केस के बावजूद आज तक आरोपी ससुराल वालों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। 25 सितंबर को हुई किरण की मौत के बाद अभी तक किरण का मोबाइल तक पुलिस बरामद नहीं कर पाई है। भाई रामस्वरूप ने कहा कि उनकी सबसे छोटी बहन किरण का रोबिन जोशी निवासी देहरादून के साथ 8 मई 2015 को विवाह हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

शादी के कुछ दिन बाद दहेज के लिए परेशान करने लगे ससुराल वाले

journalist kiran murder mystery.

आरोप लगाया कि बैंक में कैशियर रोबिन और उसके परिवार वाले शादी के कुछ दिन बाद किरण को दहेज के लिए परेशान करना शुरू कर चुके थे। 25 सितंबर को किरण का अंतिम बार फोन आया। उसने कहा कि भैया मुझे आकर बचा लीजिये, मेरे ससुराल वाले मुझे जान से मार देंगे, जिस तरह के इंसान हम इन्हें समझ रहे थे, ये वैसे नहीं हैं, बड़े बेरहम लोग हैं। वह फोन पर रो रही थी। फिर सास ने दोनों में झगड़ा होने की बात कहकर उन्हें ससुराल देहरादून बुलाया।
पढ़ें, महिला पत्रकार की मौत का सच सामने लाने के लिए छिड़ी मुहिम
फिर फोन कर कहा कि रोबिन और किरण का मामूली सा झगड़ा है। सुलझ जाएगा, आपको यहां आने की जरूरत नहीं है। फिर कुछ घंटों के बाद उसके जहर खाने की सूचना दी, जबकि उस समय किरण की मौत हो चुकी थी। हमसे सब छुपाया गया। मौत के करीब चार घंटे बाद परिचित ने किरण की मौत की सूचना देकर तुरंत किरण के ससुराल पहुंचने को कहा।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से मिलेंगे परिजन

journalist kiran murder mystery.

बार बार हमें गलत जानकारी देकर गुमराह करने का प्रयास किया गया। जो तर्क दिए गए और शव की जो हालत थी, उससे यह किसी सूरत में आत्महत्या का मामला नहीं लगता। मौके पर पहुंची पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताकर दबाव बनाने का प्रयास किया। रामस्वरूप ने आरोप लगाया कि पुलिस ने हमारे बयान को भी अपने हिसाब से लिखा। किरण के फटे कपड़े, गले पर खून के निशान देख यह आत्महत्या का मामला नहीं लगता। कहा कि देहरादून पुलिस की जांच पर कोई भरोसा नहीं है, इसलिए इसकी सीबीआई जांच करवाई जाए।

किरण के भाई ने कहा कि सीबीआई को जांच सौंपे जाने की मांग को लेकर जल्द परिजन और पंचायत प्रतिनिधि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से मिलेंगे। वहीं हिमाचल, उत्तराखंड के राज्यपाल, अध्यक्ष राष्ट्रीय महिला आयोग, राज्य महिला आयोग, उत्तराखंड के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक हिमाचल और उत्तराखंड को पत्र भेज कर सीबीआई जांच कर किरण को न्याय दिलवाने और हत्यारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed