एचआईवी ग्रस्त पाए गए चिट्टे के साथ पकड़े युवा, ऐसे हुआ खुलासा
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चिट्टा और नशे के लिए इंजेक्शन का प्रयोग करने वाले युवा एचआईवी की चपेट में आ रहे हैं। इसका खुलासा हाल ही में बिलासपुर पुलिस की ओर से नशे की खेप के साथ पकड़े गए युवाओं से हुआ है।
पुलिस ने अभी तक करीब 69 लोगों को चिट्टा, चरस और इंजेक्शनों के साथ पकड़ा है। इनमें तीन युवा एचआईपी ग्रस्त पाए गए हैं। ये युवा 20 से 25 साल की उम्र के बीच के हैं।
मामले का खुलासा होने से हड़कंप मचा हुआ है। अब पुलिस अन्य मामलों में पकड़े जा रहे युवाओं को भी एचआईवी टेस्ट करवाने को प्रोत्साहित कर रही है। एसपी बिलासपुर अशोक कुमार ने कहा कि पुलिस नशा कारोबारियों पर शिकंजा कसे हुए है।
इस साल पकड़े इतने मामले
युवाओं को जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाए जाएंगे।बिलासपुर जिले में युवा नशे की दलदल में फंसते जा रहे हैं। सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल 50 मामलों में 69 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
इनमें अधिकांश 20 से 30 साल तक उम्र के बीच में हैं। तीन युवा एचआईवी से ग्रस्त हैं। इन युवाओं ने नशे के लिए एक ही इंजेक्शन को कई बार ग्रुप में प्रयोग किया है। पुलिस अब अन्य मामलों में नशा प्रयोग करते या तस्करी करने वाले लोगों को पकड़ने के बाद उन्हें एचआईवी टेस्ट करवाने के लिए जागरूक करेगी।
पांच महीने में लाखों का चिट्टा पकड़ा
पुलिस ने अभी तक की कार्रवाई में युवाओं से लाखों रुपये का चिट्टा पकड़ा है। माना जाता है कि बिलासपुर, कांगड़ा और ऊना में सबसे अधिक चिट्टे का कारोबार होता है। अब पंजाब सरकार ने नशा माफिया पर शिकंजा कसा है। इस कारण माफिया अब हिमाचल में जड़ें जमा रहा है।
एसपी अशोक कुमार कहते हैं कि चिट्टा के नशे की चपेट में लड़कियां भी आ चुकी हैं। चिट्टे का नशा ऐसा है, जिसने एक या दो बार प्रयोग कर लिया, वह इसका आदि हो जाता है।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अपने बच्चों पर ध्यान दें। पंजाब में 2500 रुपये प्रति ग्राम चिट्टा मिलता है। यहां से उसे लाकर हिमाचल में 5000 से भी अधिक में प्रति ग्राम बेचा जाता है।